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Vande Bharat भी इसके आगे फेल! आम आदमी की इस ट्रेन ने सबको चौंकाया, क्या आपने देखा?

शाही वंदे भारत को आम आदमी की अमृत भारत एक्सप्रेस ने बुकिंग में मात दे दी। स्लीपर क्लास में 100%+ ऑक्यूपेंसी, किफायती किराया (₹350 से शुरू) और बेहतरीन सुविधाएं- सीसीटीवी, फायर सिस्टम, यूएसबी चार्जिंग- ने इसे हिट बना दिया। वंदे भारत की लीकेज समस्याओं के बीच अमृत भारत की 54 सेवाएं फुल चल रही हैं।

By Pinki Negi

Vande Bharat भी इसके आगे फेल! आम आदमी की इस ट्रेन ने सबको चौंकाया, क्या आपने देखा?

भारतीय रेलवे की दुनिया में ‘शाही ट्रेन’ वंदे भारत एक्सप्रेस ने तेज रफ्तार और लग्जरी सुविधाओं से सभी को लुभाया है। देश के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली यह ट्रेन प्रीमियम यात्रियों की पहली पसंद बनी हुई है। लेकिन अब एक नई कहानी उभर रही है। कम किराए वाली अमृत भारत एक्सप्रेस, जिसे ‘आम आदमी की ट्रेन’ कहा जा रहा है, ने बुकिंग और ऑक्यूपेंसी में वंदे भारत को मात दे दी है। स्लीपर क्लास में 100% से ज्यादा ऑक्यूपेंसी रेट के साथ यह ट्रेन मध्यम वर्ग के यात्रियों का दिल जीत रही है।

अमृत भारत की अपार लोकप्रियता

रेलवे के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अमृत भारत एक्सप्रेस की सभी 54 सेवाएं पूरी तरह भरी हुई चल रही हैं। खासकर स्लीपर कोच में 150% तक वेटलिस्टिंग देखी जा रही है, जबकि वंदे भारत की कई ट्रेनों में ऑक्यूपेंसी मात्र 50% के आसपास है। इसका राज है किफायती किराया और लंबी दूरी की आरामदायक यात्रा। उदाहरणस्वरूप, लखनऊ से आनंद विहार तक अमृत भारत का स्लीपर किराया सिर्फ 350 रुपये है, जबकि वंदे भारत का चेयर कार किराया 1410 रुपये तक पहुंच जाता है।

यह ट्रेन नॉन-एसी जनरल और स्लीपर क्लास पर फोकस करती है, जिसमें 11 जनरल कोच, 8 स्लीपर कोच, 1 पैंट्री कार और 2 लगेज-दिव्यांगजन कोच होते हैं। वंदे भारत की 150+ सेवाओं के बावजूद, अमृत भारत तेजी से आगे निकल रही है क्योंकि यह आम जनता की जेब पर भारी नहीं पड़ती।

वंदे भारत की चुनौतियां

वंदे भारत को भले ही हाई-स्पीड (180 किमी/घंटा) और फुल एसी चेयर कार का तमगा मिला हो, लेकिन तकनीकी खामियां सुर्खियां बटोर रही हैं। हायडराबाद रूट पर कूलिंग सिस्टम से पानी टपकने की समस्या सामने आई, जहां टिश्यू पेपर से लीकेज रोका गया। स्लीपर वर्जन में फर्निशिंग और वर्कमैनशिप इश्यूज के कारण लॉन्च में देरी हुई।

इसके अलावा, कम पेलोड कैपेसिटी और ओवरटेकिंग की कमी से नेटवर्क पर दबाव पड़ता है। प्रीमियम किराया होने से यह मध्यम वर्ग से दूर हो रही है, जबकि अमृत भारत सबको सुलभ सुविधा दे रही है।

दोनों ट्रेनों की तुलना

विशेषताअमृत भारत एक्सप्रेस वंदे भारत एक्सप्रेस 
स्पीड130 किमी/घंटा180 किमी/घंटा
कोच संरचना22 कोच (नॉन-एसी स्लीपर/जनरल)8-20 कोच (फुल एसी चेयर कार)
किरायाबहुत कम (आम आदमी के लिए)प्रीमियम (लग्जरी)
ऑक्यूपेंसी100%+ 50-100% (अस्थिर) 
दूरीलंबी (800+ किमी)मध्यम (10 घंटे से कम)

अमृत भारत की अनोखी सुविधाएं

अमृत भारत में वंदे भारत स्लीपर जैसी बेहतर बर्थ डिजाइन, झटका-मुक्त सेमी-ऑटोमैटिक कपलर, क्रैश ट्यूब, सभी कोचों में सीसीटीवी, एलईडी लाइट्स, यूएसबी चार्जिंग (टाइप-ए/सी), इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और एयरोसोल फायर सप्रेशन हैं। नॉन-एसी पैंट्री में ज्यादा हीटिंग क्षमता और सील्ड गैंगवे से ऑपरेशन आसान है। हाल ही में वंदे भारत जैसा फूड बुकिंग ऑप्शन भी जोड़ा गया। नमो भारत लोकल रूट्स पर चलती है, लेकिन अमृत भारत लंबी दूरी की ‘मास अपग्रेड’ है।​

भविष्य की दिशा

रेलवे मंत्री ने कहा कि अमृत भारत जैसी ट्रेनें ‘आम आदमी का वंदे भारत’ हैं। 2026 में 8 नई अमृत भारत और पहली वंदे भारत स्लीपर (हावड़ा-गुवाहाटी) शुरू हुई हैं। यह साबित करता है कि किफायत और सुविधा का मेल ही असली विजेता है। यात्रियों का झुकाव सस्ती, सुरक्षित ट्रेनों की ओर बढ़ रहा है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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