
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) ने अपने लोकप्रिय एआई फीचर ‘Ask Grok’ में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब यह सुविधा फ्री यूजर्स के लिए पूरी तरह बंद हो गई है। केवल प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स ही थ्रेड्स या पोस्ट्स में ग्रोक एआई से सवाल पूछ सकेंगे। यह कदम एक्स की रेवेन्यू बढ़ाने की स्ट्रेटेजी का हिस्सा माना जा रहा है, जो एलन मस्क के नेतृत्व में लगातार पेड फीचर्स को बढ़ावा दे रही है।
बदलाव का ऐलान और पुराना तरीका
पहले ‘Ask Grok’ सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध था। यूजर्स किसी पोस्ट के टेक्स्ट को सेलेक्ट करके ‘Ask Grok’ बटन दबा सकते थे या रिप्लाई में @grok टैग करके सवाल पूछ सकते थे। खासकर लंबे और जटिल थ्रेड्स के लिए यह फीचर वरदान साबित होता था। अगर किसी पोस्ट के नीचे सैकड़ों कमेंट्स या रिप्लाई चेन होती, तो ग्रोक कुछ सेकंडों में पूरा सारांश, फैक्ट-चेक या अतिरिक्त जानकारी दे देता।
उदाहरण के तौर पर, राजनीतिक बहस या ब्रेकिंग न्यूज थ्रेड में यूजर पूछ सकता था- “इस थ्रेड का मुख्य पॉइंट क्या है?” या “क्या यह खबर सही है?” ग्रोक एक्स के रीयल-टाइम डेटा से जवाब देता, जो इसे चैटजीपीटी जैसे अन्य एआई से अलग बनाता।
ग्रोक फीचर की खासियत
यह फीचर xAI के ग्रोक चैटबॉट पर आधारित है, जो एलन मस्क की कंपनी ने विकसित किया। ग्रोक की ताकत सोशल मीडिया ट्रेंड्स, सेंटिमेंट एनालिसिस और क्विक समरी में है। भारतीय यूजर्स के बीच यह खासा पॉपुलर था, क्योंकि हिंदी-इंग्लिश मिक्स थ्रेड्स में यह जटिल चर्चाओं को सरल बनाता। लेकिन अब फ्री यूजर्स को ग्रोक का यह इन-ऐप इंटीग्रेशन मिलना बंद।
भारतीय यूजर्स के लिए क्या विकल्प?
भारतीय यूजर्स को एक्स तीन तरह के सब्सक्रिप्शन प्लान ऑफर करता है। बेसिक प्लान महीने के 170 रुपये में पोस्ट एडिटिंग और लंबी पोस्ट जैसी बेसिक सुविधाएं देता है, लेकिन इसमें ब्लू टिक या ग्रोक एक्सेस नहीं। प्रीमियम प्लान 427 रुपये (वेब) या 470 रुपये (मोबाइल) प्रति माह का है। इसमें ब्लू टिक, कम ऐड्स, रीप्लाई बूस्ट और अब ‘Ask Grok’ जैसी एआई सुविधाएं शामिल हैं।
प्रीमियम+ का खास ऑफर
सबसे महंगा प्रीमियम+ प्लान 2,570 रुपये मासिक है। यह लगभग ऐड-फ्री अनुभव, आर्टिकल पब्लिशिंग और एडवांस एआई टूल्स देता है। ‘Ask Grok’ के लिए कम से कम प्रीमियम प्लान जरूरी है। फ्री यूजर्स ग्रोक को अलग ऐप या वेब से लिमिटेड एक्सेस ले सकते हैं, लेकिन थ्रेड्स में डायरेक्ट क्वेरी नहीं।
यूजर्स पर असर और एक्स की स्ट्रेटेजी
यह बदलाव 11-12 मार्च 2026 को लागू हुआ, जैसा कि अमर उजाला और हिंदुस्तान जैसी साइट्स ने रिपोर्ट किया। फ्री यूजर्स निराश हैं, खासकर न्यूज फॉलोअर्स और रिसर्चर्स जो क्विक एनालिसिस पर निर्भर थे। भारत में एक्स के 2 करोड़+ एक्टिव यूजर्स में से कई फ्री हैं, इसलिए यह प्लेटफॉर्म की पहुंच प्रभावित कर सकता।
भविष्य की संभावनाएं
एक्स की यह चाल रेवेन्यू मॉडल को मजबूत करने की है। पहले वेरिफिकेशन, अब एआई फीचर्स पेवॉल के पीछे। भविष्य में ग्रोक को और इंटीग्रेट करने की प्लानिंग है, जैसे इमेज एनालिसिस। लेकिन सवाल उठता है- क्या यूजर्स पैसे देंगे या कॉम्पिटिटर्स जैसे थ्रेड्स ऐप या ब्लूस्काई की ओर रुख करेंगे?
विश्लेषकों का मानना है कि प्रीमियम सब्सक्रिप्शन बढ़ेगा, क्योंकि ग्रोक की यूनिक सोशल-फर्स्ट अप्रोच बेजोड़ है। फिलहाल, फ्री यूजर्स को मैनुअल रीडिंग या अन्य एआई टूल्स अपनाने पड़ेंगे। एक्स ने आधिकारिक हेल्प पेज पर अपडेट नहीं किया, लेकिन यूजर फीडबैक से बदलाव कन्फर्म।









