
देश के कई हिस्सों में दूध में मिलावट की बढ़ती खबरों के बीच खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई (FSSAI) ने दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए बड़ा नियम लागू कर दिया है। अब डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को छोड़कर सभी दूध उत्पादकों और बेचने वालों को FSSAI से पंजीकरण प्रमाणपत्र या लाइसेंस लेना अनिवार्य हो गया है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य आयुक्तों को परामर्श जारी किया है। नियामक ने साफ कहा कि कई दूध उत्पादक और विक्रेता बिना रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस के खाद्य कारोबार चला रहे हैं, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
काम शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन जरूरी
FSSAI के नए फरमान के अनुसार, डेयरी सहकारी समितियों (जैसे अमूल या मदर डेयरी) के पंजीकृत सदस्य किसानों को छूट मिली है, जो अपनी पूरी सप्लाई इन्हीं समितियों को देते हैं। लेकिन स्वतंत्र दूध उत्पादक, डेयरी फार्म, संग्रह केंद्र, दूध दुकानदार और छोटे दूधिए सभी को अपना कारोबार शुरू करने या जारी रखने से पहले FSSAI रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस प्राप्त करना होगा।
सालाना टर्नओवर 12 लाख रुपये तक के छोटे कारोबारियों के लिए बेसिक रजिस्ट्रेशन पर्याप्त है, जबकि इससे अधिक के लिए स्टेट या सेंट्रल लाइसेंस जरूरी। बिना वैध दस्तावेज के दूध का उत्पादन या बिक्री अब अवैध मानी जाएगी।
राज्यों को सख्त निगरानी के निर्देश
FSSAI ने राज्यों को विशेष पंजीकरण अभियान चलाने और सख्त प्रवर्तन जांच के आदेश दिए हैं। केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरणों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सभी दूध व्यवसायों का लाइसेंस सत्यापन करना होगा। इसके अलावा, दूध के स्टोरेज, शीतलीकरण व्यवस्था और गुणवत्ता पर नजर रखने के निर्देश हैं, ताकि सही तापमान पर भंडारण सुनिश्चित हो और खराबी या मिलावट रोकी जा सके। राज्य एजेंसियां हर दो सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट FSSAI को भेजेंगी।
मिलावट पर लगाम, उपभोक्ता स्वास्थ्य सुरक्षित
देशभर में पानी, यूरिया या अन्य रसायनों से दूध में मिलावट की घटनाएं बढ़ रही थीं, जो जन स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गई थीं। FSSAI का यह कदम सप्लाई चेन को पारदर्शी बनाएगा, मिलावट रोकेगा और उपभोक्ताओं को शुद्ध दूध उपलब्ध कराएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दूध कारोबार व्यवस्थित होगा और ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा।
नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई
बिना लाइसेंस पकड़े जाने पर Food Safety and Standards Act के तहत सजा तय है- पहली बार 2-5 लाख जुर्माना, दोहराने पर 10 लाख तक या 1 वर्ष जेल। FSSAI ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि छापेमारी और अभियान तेज होंगे।
लाइसेंस प्रक्रिया आसान
FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट (fssai.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन करें। जरूरी दस्तावेज- आईडी प्रूफ, पता प्रमाण, व्यवसाय विवरण- जमा करें। फीस 100 से 7500 रुपये तक, प्रक्रिया 30-60 दिनों में पूरी। सरकार का लक्ष्य सभी को दायरे में लाना है, ताकि ‘शुद्ध दूध’ हर घर पहुंचे।









