
अमेरिका-ईरान युद्ध की आग ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। भारत में रसोई गैस (LPG) की कमी की खबरें आम जनता को चिंता में डाल रही हैं। कुछ राज्यों, खासकर महाराष्ट्र में एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि सरकार दावा कर रही है कि घरेलू उपयोग के लिए गैस का स्टॉक पर्याप्त है। इसी संकट के बीच राशन डीलर्स ने केंद्र सरकार से पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है- राशन दुकानों पर फिर से सस्ता मिट्टी का तेल (केरोसिन) उपलब्ध कराना।
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन की मांग
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन (AIFPSDF) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को ज्ञापन भेजा है। संगठन का तर्क है कि LPG सप्लाई में किसी भी व्यवधान की स्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को केरोसिन एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा। फेडरेशन के अनुसार, ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में चूल्हा जलाने के लिए केरोसिन अभी भी जरूरी है। बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मांग पश्चिम एशिया के तनाव से उपजी है, जहां भारत अपनी 80% से ज्यादा कच्चे तेल और LPG जरूरतें आयात करता है। ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष से होर्मुज स्ट्रेट प्रभावित हो रहा है, जिसका असर घर-घर की रसोई तक पहुंच सकता है।
PMO के हालिया कदम और संकट की गहराई
9 मार्च को PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग हुई, जहां मंत्रियों को साफ निर्देश दिए गए कि मिडिल ईस्ट संकट का असर आम लोगों पर न पड़े। IOC, HPCL और BPCL की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो घरेलू और रेस्टोरेंट सप्लाई को प्राथमिकता देगी। LPG उत्पादन में 10% इजाफा किया गया है और 70% क्रूड ऑयल वैकल्पिक रास्तों से मंगाया जा रहा है। फिर भी, महाराष्ट्र जैसे क्षेत्रों में कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें बढ़ी हैं। होटल-रेस्तरां बंद हो रहे हैं, और ग्रामीण महिलाओं को सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए भटकना पड़ रहा है।
केरोसिन वितरण का इतिहास और बहाली की संभावना
भारत में PDS (पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम) के जरिए केरोसिन लंबे समय तक सस्ते दामों पर मिलता था। 2020-21 में PM उज्ज्वला योजना और क्लीन एनर्जी प्रमोशन के तहत इसे बंद कर दिया गया। गैस कनेक्शन या बिजली वाले राशन कार्ड धारकों को 2019 से ही केरोसिन आवंटन रुक गया। डीलर्स का कहना है कि संकटकाल में PDS नेटवर्क के जरिए केरोसिन बहाल करने से गरीबों को फौरी राहत मिलेगी। यह चूल्हा-चौका चलाने का सस्ता विकल्प बनेगा, खासकर जहां बिजली-पानी की मारामारी है।
आगे की चुनौतियां और उम्मीदें
सरकार ने स्टॉक मॉनिटरिंग तेज कर दी है, लेकिन डीलर्स की मांग पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। राशन कार्ड धारकों के लिए 2025 की स्कीम्स में फ्री सिलेंडर और होम डिलीवरी जैसे लाभ हैं, मगर केरोसिन पर सन्नाटा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयात निर्भरता कम न हुई तो महंगाई रसोई तक पहुंचेगी। PMO अगर इस मांग पर अमल करता है, तो करोड़ों परिवारों को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता जरूरी।









