
राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी! अब सरकारी दफ्तरों या राशन दुकानों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं। केंद्र सरकार ने UMANG ऐप में ‘मेरा राशन’ फीचर लॉन्च कर दिया है, जो मोबाइल पर ही कोटे का पूरा हिसाब दिखाता है। इससे दुकानदारों की धांधली रुकेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को मजबूत करते हुए यह सुविधा करोड़ों परिवारों को सशक्त बनाएगी।
‘मेरा राशन’ फीचर की खासियतें
यह फीचर राशन कार्ड नंबर या आधार से लॉगिन करने पर तुरंत जानकारी देता है। गेहूं, चावल, चीनी जैसे अनाजों की कोटा मात्रा, बची हुई स्टॉक और पिछले वितरण का पूरा रिकॉर्ड मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाता है। परिवार के सदस्यों का विवरण भी चेक किया जा सकता है। सबसे बड़ी सुविधा है लोकेशन-बेस्ड नजदीकी फेयर प्राइस शॉप (राशन दुकान) ढूंढना, जिससे लाइन लगाने की परेशानी खत्म। ई-PoS मशीनों से लिंक होने से रीयल-टाइम अपडेट मिलता है।
UMANG ऐप डाउनलोड कर मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें, OTP वेरिफाई कर MPIN सेट करें। सर्च में ‘मेरा राशन’ टाइप करें और कार्ड नंबर डालें। कुछ ही सेकंड में सारी डिटेल्स आ जाएंगी। दिल्ली समेत कई राज्यों में यह पूरी तरह सक्रिय है।
प्रवासी मजदूरों को मिलेगी बड़ी राहत
काम के सिलसिले में दूसरे राज्य जाने वाले लाखों प्रवासियों के लिए यह वरदान साबित होगा। वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत अब देशभर में कहीं भी राशन ले सकते हैं। ऐप नई जगह की दुकान, उपलब्ध स्टॉक और कोटा बता देगा। उदाहरणस्वरूप, बिहार से मुंबई कमाने गए मजदूर घर बैठे चेक कर सकेंगे कि महाराष्ट्र में कौन-सी दुकान उनके लिए है। इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा और सही लाभार्थी को अनाज मिलेगा।
पारदर्शिता और नए नियमों का असर
पहले दुकानदार स्टॉक खत्म होने का बहाना बनाते थे, लेकिन अब डिजिटल ट्रैकिंग से झूठ पकड़ा जाएगा। मार्च 2026 से e-KYC और आधार लिंकिंग अनिवार्य है, अपात्रों की छंटनी हो रही। QR-कोड वाले स्मार्ट कार्ड, DBT और होम डिलीवरी जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे PDS सिस्टम में भ्रष्टाचार 30-40% कम होगा।
कैसे इस्तेमाल करें?
- गूगल प्ले या ऐप स्टोर से UMANG ऐप डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर रजिस्टर कर OTP से वेरिफाई करें।
- 4-अंकीय MPIN बनाएं और लॉगिन करें।
- होमपेज सर्च में ‘मेरा राशन’ सर्च करें।
- राशन कार्ड नंबर डालें, लोकेशन ऑन करें।
यह डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम है। गरीब परिवार अब सशक्त होंगे, क्योंकि जानकारी ही शक्ति है। सरकार की यह पहल देशव्यापी फैल रही है।









