
इंटरनेशनल विमेंस डे के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को बड़ी आर्थिक सौगात दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर में आयोजित ‘महतारी वंदन सम्मेलन 2026’ के दौरान महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त जारी कर दी। इस डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से राज्य की 69 लाख से अधिक पात्र विवाहित महिलाओं के बैंक खातों में कुल ₹690 करोड़ की राशि पहुंचाई गई। योजना के तहत हर माह ₹1000 की सहायता मिलती है, जो सालाना ₹12,000 तक होती है। अब तक 25 किस्तों में कुल ₹1,62,373.30 करोड़ वितरित हो चुके हैं।
योजना का उद्देश्य और उपलब्धियां
महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 को शुरू हुई, जिसका लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। पात्रता में 21-60 वर्ष की विवाहित महिलाएं शामिल हैं, जिनका परिवार गरीबी रेखा से नीचे न हो। फरवरी में 24वीं किस्त के रूप में 68.39 लाख महिलाओं को ₹641.34 करोड़ मिले, जिससे कुल वितरण ₹15,595.77 करोड़ हो गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा, “यह योजना महिला सशक्तिकरण की नई दिशा है।” जगदलपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी इसका असर दिखा, जहां हजारों महिलाएं लाभान्वित हुईं।
पेंडिंग पेमेंट की असली वजहें
हालांकि, कई लाभार्थियों के खाते में ₹1000 अभी भी नहीं पहुंचा। मुख्य कारण आधार-बैंक खाता लिंकिंग में त्रुटि, KYC अधूरी, निष्क्रिय खाता या DBT तकनीकी खराबी हैं। पोर्टल पर ‘भुगतान रिटर्न’ या ‘पेंडिंग’ दिखने का मतलब है कि राशि वापस हो गई। पुरानी किस्तों (जैसे 19वीं-22वीं) में भी ऐसी शिकायतें रहीं, जहां 67 लाख महिलाओं को पैसा मिला लेकिन कुछ केस लटके। सरकार का कहना है कि दस्तावेज जांच या मोबाइल अपडेट न होने से देरी होती है।
स्टेटस चेक और समाधान के आसान तरीके
स्टेटस चेकने के लिए mfponline.in पर जाएं। आधार/मोबाइल/लाभार्थी कोड डालें, OTP वेरिफाई करें- पूरी डिटेल्स दिखेंगी। ‘रिटर्न’ दिखे तो बैंक जाकर आधार लिंकिंग/KYC अपडेट कराएं; अगली किस्त में पैसा आ जाएगा। हेल्पलाइन या पोर्टल शिकायत से 7-15 दिनों में पुनर्भुगतान होता है। निरस्त आवेदन के लिए दस्तावेज अपलोड करें। DBT पोर्टल पर भी जांचें।
महिलाओं की उम्मीदें और आगे की राह
यह योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है, लेकिन तकनीकी बाधाओं को दूर करना जरूरी। सरकार ने E-KYC और बायोमेट्रिक अपडेट को अनिवार्य किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता अभियान से पेंडिंग केस कम होंगे। लाभार्थी सतर्क रहें, ताकि हर ₹1000 समय पर खाते में आए।









