
देश भर के करोड़ों किसानों की निगाहें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 22वीं किस्त पर टिकी हुई हैं, लेकिन किस्त आने से पहले दो अहम काम पूरे न करने पर कई किसानों का नाम लाभार्थी सूची से कट सकता है। इस बार सरकार लाभार्थियों के डाटा की सख्त पड़ताल कर रही है, जिसके कारण किस्त में हल्की देरी और बड़े पैमाने पर वेरिफिकेशन देखने को मिल रहा है।
22वीं किस्त: कब आएंगे 2,000 रुपये?
पिछली यानी 21वीं किस्त नवंबर 2025 के अंत में जारी की गई थी, जिसके बाद सामान्य चक्र के हिसाब से किसान फरवरी 2026 में 22वीं किस्त की उम्मीद कर रहे थे। फरवरी बीत गया, होली भी निकल गई, लेकिन अब तक किसानों के खाते में नई किस्त नहीं पहुंची है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च के आसपास असम के दौरे पर होंगे और उसी मंच से 22वीं किस्त जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी बाकी है। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले वर्षों के पैटर्न के आधार पर मार्च के पहले या दूसरे हफ्ते में अगली किस्त आने की पूरी संभावना है।
PM-KISAN स्कीम क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत योग्य किसानों को साल में कुल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000–2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है, ताकि बीज, खाद और अन्य खेती-किसानी के खर्चों में मदद मिल सके। 2019 में शुरू हुई यह योजना अब देश के सबसे बड़े आय-सहायता कार्यक्रमों में शामिल है और करोड़ों छोटे व सीमांत किसानों के लिए स्थायी नकद सहारा बन चुकी है।
किन किसानों के लिए खतरे की घंटी है 22वीं किस्त?
हर रजिस्टर्ड किसान को किस्त अपने आप नहीं मिलती; सरकार हर भुगतान से पहले लाभार्थियों की लिस्ट अपडेट करती है। अगर किसी किसान के रिकॉर्ड में गड़बड़ी है या वह पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करता, तो उसका नाम लिस्ट से हटाया जा सकता है या किस्त रोक दी जाती है। जिन मामलों में परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, आयकर देता है या 10,000 रुपये या उससे अधिक की सरकारी पेंशन लेता है, वहां पूरा परिवार PM-KISAN से बाहर हो सकता है। इसी तरह, जिन किसानों की जमीन के रिकॉर्ड अद्यतन नहीं हैं या जिनका बैंक खाता बंद/गलत दर्ज है, उन्हें भी इस बार पैसा नहीं मिल पाएगा।
2 ज़रूरी काम: अभी निपटा लें
पहला काम: e-KYC अनिवार्य रूप से पूरा कराएं
सरकार ने साफ कर दिया है कि PM-KISAN की अगली किस्त केवल उन्हीं किसानों के खाते में जाएगी, जिनकी e-KYC पूरी और वैध है। बहुत से किसानों की पिछली किस्तें सिर्फ इसलिए अटकीं कि उनका e-KYC या तो पेंडिंग था या फेल दिखा रहा था। e-KYC कराने के लिए किसान या तो नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक के जरिए KYC पूरा कर सकते हैं या जहां सुविधा उपलब्ध है, पोर्टल/ऐप के जरिए OTP आधारित e-KYC कर सकते हैं। जिनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, उन्हें पहले यह लिंकिंग करानी होगी, वरना OTP आधारित प्रक्रिया संभव नहीं होगी।
दूसरा काम: आधार-बैंक-भूमि रिकॉर्ड की डिटेल तुरंत ठीक कराएं
योजना की राशि केवल उस लाभार्थी को मिलेगी, जिसके नाम, आधार नंबर, बैंक अकाउंट और जमीन के रिकॉर्ड एक-दूसरे से पूरी तरह मेल खाते हों। कई मामलों में छोटी-सी गलती जैसे नाम की स्पेलिंग अलग होना, गलत IFSC, पुराना या बंद बैंक अकाउंट, या खसरा- खतौनी में नाम अपडेट न होना- किस्त रुकने या पेमेंट वापस लौटने की वजह बन जाती है। ऐसे किसान तुरंत राजस्व कार्यालय या CSC के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड दुरुस्त कराएं, और बैंक में जाकर सही अकाउंट व IFSC विवरण PM-KISAN पोर्टल पर अपडेट करवाएं।
अपना नाम और स्टेटस अभी कैसे चेक करें?
लाभार्थी सूची और किस्त की स्थिति जानने के लिए किसान आधिकारिक PM-KISAN वेबसाइट पर जाकर “Beneficiary List” और “Beneficiary Status” सेक्शन में अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव चुनने के बाद ऑनलाइन लिस्ट में नाम दिखने पर यह सुनिश्चित हो जाता है कि आपका रजिस्ट्रेशन सक्रिय है और आप अगली किस्त के लिए योग्य हैं। पोर्टल पर उपलब्ध चैटबॉट या हेल्प सेक्शन के जरिए भी किसान अपने भुगतान से जुड़ी प्राथमिक जानकारी तुरंत हासिल कर सकते हैं।
फिलहाल, आधिकारिक घोषणा का इंतजार जारी है, लेकिन संकेत साफ हैं: जिन किसानों ने समय रहते e-KYC और रिकॉर्ड अपडेट वाले दोनों काम पूरे कर लिए हैं, उनके खाते में 22वीं किस्त के 2,000 रुपये आने की संभावना सबसे ज्यादा है, जबकि लापरवाही बरतने वालों के लिए यह किस्त चेतावनी साबित हो सकती है।









