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LPG गैस की किल्लत होगी खत्म! सरकार ने लागू किया ECA नियम, सप्लाई और प्रोडक्शन पर लिया बड़ा फैसला

LPG संकट पर सरकारी एक्शन: पश्चिम एशिया तनाव से गैस किल्लत को रोकने के लिए सरकार ने ECA-1955 लागू किया। रिफाइनरियों को उत्पादन अधिकतम करने, प्रोपेन-ब्यूटेन LPG के लिए इस्तेमाल करने का आदेश। बुकिंग अंतराल 25 दिन, घरेलू सिलेंडर प्राथमिक। कमर्शियल पर कटौती, जमाखोरी पर सख्ती। स्टॉक पर्याप्त, घबराएं नहीं।

By Pinki Negi

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पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण वैश्विक गैस आपूर्ति पर मंडराते संकट के बीच भारत सरकार ने घरेलू LPG की किल्लत को जड़ से समाप्त करने के लिए Essential Commodities Act (ECA), 1955 की शक्तियों का सहारा लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसमें उत्पादन बढ़ाने, जमाखोरी रोकने और बुकिंग नियमों में बदलाव शामिल हैं। यह फैसला लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने वाला है, हालांकि कमर्शियल सेक्टर में थोड़ी परेशानी हो सकती है।

उत्पादन बढ़ाने के निर्देश

सरकार का मुख्य लक्ष्य LPG उत्पादन को अधिकतम स्तर पर ले जाना है। सभी सरकारी और निजी रिफाइनरियों को प्रोपेन व ब्यूटेन जैसे कच्चे माल का उपयोग पेट्रोकेमिकल उत्पादन के बजाय पूरी तरह LPG सिलेंडर बनाने में करने का आदेश दिया गया है। इस अतिरिक्त उत्पादन को केवल IOCL, BPCL और HPCL जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को घरेलू ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराना होगा। PNG (पाइप नेचुरल गैस) और CNG की 100% सप्लाई सुनिश्चित करने के बाद खाद संयंत्रों (70%) व उद्योगों (80%) को आवंटन होगा। इन कदमों से घरों की रसोई में गैस की कमी नहीं होगी।

बुकिंग नियमों में बदलाव

बुकिंग प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव आया है। पैनिक बुकिंग और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए इंटर-बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद अगले के लिए कम से कम 25 दिनों का इंतजार करना पड़ेगा। यह नियम जमाखोरी पर लगाम लगाएगा और सप्लाई चेन को संतुलित रखेगा। ECA के तहत वितरकों व स्टॉकिस्ट्स पर सख्त निगरानी होगी – जमाखोरी या कालाबाजारी पकड़े जाने पर भारी जुर्माना व कानूनी कार्रवाई होगी।

कमर्शियल सप्लाई पर असर

मुंबई, बेंगलुरु व कोलकाता जैसे महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर (19 किग्रा) की डिलीवरी पर असर दिख रहा है। होटल, रेस्टोरेंट्स व छोटे व्यवसायों को 20-25% कटौती का सामना करना पड़ सकता है, जबकि घरेलू 14.2 किग्रा सिलेंडर प्राथमिकता में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एहतियाती कदम है, क्योंकि देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, “हमारी प्राथमिकता लाखों परिवारों की रसोई है। कोई घबराहट की जरूरत नहीं।”

ECA का सफल इतिहास

पिछले वर्षों में ECA का सफल उपयोग कोरोना काल व गेहूं संकट में हो चुका है, जो आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित करता है। उपभोक्ताओं से अपील है कि आधिकारिक ऐप या डिस्ट्रीब्यूटर से ही बुकिंग करें। इन उपायों से LPG किल्लत न केवल खत्म होगी, बल्कि बाजार में स्थिरता भी लाएगी। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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