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CIBIL स्कोर शानदार फिर भी बैंक ने रिजेक्ट कर दिया लोन? ये है वो असली वजह जो कोई नहीं बताता

अच्छा CIBIL स्कोर (750+) होने के बावजूद लोन रिजेक्ट होना आम हुआ है। बैंक सिर्फ स्कोर नहीं, बल्कि डेट-टू-इनकम रेशियो, नौकरी की स्थिरता, क्रेडिट यूटिलाइजेशन और आंतरिक नीतियों को भी देखते हैं। उच्च DTI, बार-बार लोन एप्लीकेशन और गलत जानकारी प्रमुख कारण हैं। लोन लेने से पहले अपनी पूरी वित्तीय प्रोफाइल मजबूत करें।

By Pinki Negi

CIBIL स्कोर शानदार फिर भी बैंक ने रिजेक्ट कर दिया लोन? ये है वो असली वजह जो कोई नहीं बताता

भारत में पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में एक आम धारणा है कि अगर आपका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे ऊपर है, तो लोन आसानी से मिल जाएगा। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। हाल ही में कई मामलों में देखा गया है कि अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को भी बैंक और NBFCs ने लोन देने से मना कर दिया। यह स्थिति लोगों को हैरान करती है, क्योंकि वे मानते हैं कि स्कोर ही सबसे बड़ा फैक्टर है। विशेषज्ञों के मुताबिक, क्रेडिट स्कोर सिर्फ एक पैरामीटर है, लेकिन लोन अप्रूवल के लिए बैंक कई अन्य पहलुओं को भी देखते हैं ।

डेट-टू-इनकम रेशियो

पहला और सबसे बड़ा कारण ‘डेट-टू-इनकम’ (DTI) रेशियो है। अगर आपकी सैलरी का 40-50% से ज्यादा हिस्सा पहले से चल रहे लोन की ईएमआई में जा रहा है, तो बैंक नया लोन देने से बचते हैं । ऐसे में अगर आपका CIBIL स्कोर 750 है, तो भी बैंक आपको लोन देने से मना कर देगा क्योंकि बैंक आपको जरूरत से ज्यादा कर्जदार मान लेगा । DTI ज्यादा होने का मतलब है कि आपको लोन चुकाने में मुश्किलें आ सकती हैं, जिससे बैंक सतर्क हो जाता है।

क्रेडिट मिक्स और यूटिलाइजेशन रेशियो

दूसरा कारण ‘क्रेडिट मिक्स’ का सही न होना है। यदि आपके पास केवल अनसिक्योर्ड लोन जैसे पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन ही हैं, तो बैंक आपको जोखिम भरा ग्राहक मानते हैं । तीसरा कारण ‘क्रेडिट यूटिलाइजेशन’ रेशियो है। यदि आप अपने क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट बार-बार इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपकी ‘क्रेडिट हंगर’ यानी कर्ज की भूख को दिखाता है, जो स्कोर अच्छा होने पर भी नेगेटिव माना जाता है।

रोजगार की अस्थिरता और गलत जानकारी

चौथा महत्वपूर्ण कारण आपके रोजगार की स्थिरता है। अगर आप बार-बार नौकरियां बदल रहे हैं या आप जिस कंपनी में काम करते हैं वह बैंक की ‘ब्लैकलिस्टेड’ कैटेगरी में आती है, तो लोन मिलना मुश्किल हो जाता है । इसके अलावा, कई बार लोग अपने आवेदन फॉर्म में वर्तमान पता, मोबाइल नंबर या आय की गलत जानकारी भर देते हैं। बैंक की वेरिफिकेशन प्रक्रिया में जब यह जानकारी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट से मेल नहीं खाती, तो बैंक धोखाधड़ी की आशंका में लोन आवेदन को तुरंत रिजेक्ट कर देता है।

बैंक की आंतरिक नीतियां और प्रोफाइल मिसमैच

हर बैंक की अपनी जोखिम नीति होती है। कभी-कभी पोर्टफोलियो बैलेंस बनाए रखने के लिए भी अच्छे स्कोर वाले ग्राहकों को रिजेक्ट कर दिया जाता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि कई बार प्रोफाइल मिसमैच भी रिजेक्शन का कारण बनता है। उदाहरण के लिए, अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है लेकिन आपकी आय उस लोन अमाउंट को सपोर्ट नहीं करती, तो बैंक आवेदन खारिज कर देता है। इसके अलावा, डॉक्यूमेंटेशन की कमी, गलत जानकारी, या पुराने डिफॉल्ट्स भी रिजेक्शन का कारण बन सकते हैं। भले ही आपने बाद में सुधार कर लिया हो, लेकिन बैंक आपके पूरे क्रेडिट इतिहास को देखते हैं ।​

सिर्फ स्कोर पर न करें भरोसा

अच्छा क्रेडिट स्कोर होना जरूरी है, लेकिन यह लोन अप्रूवल की गारंटी नहीं है। बैंक और NBFCs आपकी आय, नौकरी की स्थिरता, मौजूदा कर्ज और अपनी आंतरिक नीतियों को ध्यान में रखकर फैसला लेते हैं । इसलिए लोन लेने से पहले सिर्फ स्कोर पर भरोसा न करें, बल्कि अपनी पूरी वित्तीय प्रोफाइल को मजबूत बनाएं। अगर आपका लोन रिजेक्ट हो गया है, तो बैंक से रिजेक्शन का सटीक कारण पूछें और अगली बार एप्लीकेशन देने से पहले उस समस्या को सुधारें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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