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QR Code Scam: भूलकर भी न करें ये 1 गलती! एक गलत QR कोड और खाली हो जाएगा बैंक बैलेंस

भारत में डिजिटल पेमेंट के बढ़ते चलन के साथ QR कोड स्कैम भी तेजी से फैल रहे हैं। ठग असली कोड पर नकली स्टिकर चिपकाकर या फर्जी पेमेंट रिक्वेस्ट भेजकर बैंक खाते खाली कर रहे हैं। सावधानी बरतें: कोड स्कैन करने से पहले जांचें, कभी भी पैसे पाने के लिए पिन न डालें और केवल भरोसेमंद ऐप्स का ही उपयोग करें।

By Pinki Negi

QR Code Scam: भूलकर भी न करें ये 1 गलती! एक गलत QR कोड और खाली हो जाएगा बैंक बैलेंस

भारत में डिजिटल क्रांति ने जहां लेन-देन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगों के लिए नए रास्ते भी खोले हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा लाए गए UPI और BHIM जैसे प्लेटफॉर्म्स ने देश में कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा दिया है, लेकिन इसके साथ ही ‘QR कोड स्कैम’ के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एक गलत QR कोड स्कैन करना आपके बैंक खाते को पूरी तरह खाली कर सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे एक सतर्क नागरिक के तौर पर आप इन खतरों से बच सकते हैं और असली व नकली कोड की पहचान कर सकते हैं।

छिपा हुआ खतरा: स्टिकर वाली चाल

ठगों का सबसे नया और खतरनाक तरीका यह है कि वे दुकानों, रेस्टोरेंट या सार्वजनिक स्थानों पर लगे असली QR कोड के ऊपर ही अपना नकली कोड चिपका देते हैं। अक्सर लोग जल्दबाजी में बिना देखे कोड स्कैन कर लेते हैं। सावधानी बरतें और स्कैन करने से पहले कोड को ध्यान से परखें कि कहीं उस पर कोई नया स्टिकर तो नहीं लगाया गया है। अगर कोड फटा हुआ लगे या उस पर चिपकाव के निशान हों, तो तुरंत दुकानदार से पुष्टि करें।

पेमेंट रिक्वेस्ट बनाम मनी ट्रांसफर

सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वह है यह समझना कि QR कोड स्कैन करने से पैसे आएंगे। वास्तविकता यह है कि QR कोड स्कैन करने से पैसे केवल जाते हैं, आते नहीं हैं। ठग अक्सर लालच देकर या फर्जी रिफंड का झांसा देकर आपको ‘पेमेंट रिक्वेस्ट’ वाला कोड स्कैन करवाते हैं। जैसे ही आप इस कोड को स्कैन करके अपना UPI पिन डालते हैं, आपकी रकम ठग के खाते में ट्रांसफर हो जाती है। याद रखें, पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी पिन डालने की जरूरत नहीं होती।

स्क्रीन पर दिखे विवरण की करें जांच

QR कोड स्कैन करने के बाद तुरंत पेमेंट न करें। अपने UPI ऐप की स्क्रीन पर ध्यान से देखें कि भुगतान किसके नाम जा रहा है। अगर दुकान का नाम ‘राम जनरल स्टोर्स’ है लेकिन स्क्रीन पर किसी अनजान व्यक्ति का नाम आ रहा है, तो समझ जाएं कि यह धोखा है। संदिग्ध लगने पर तुरंत ट्रांजैक्शन रद्द कर दें। केवल भरोसेमंद और आधिकारिक ऐप्स (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm) का ही उपयोग करें, क्योंकि अनजान ऐप्स आपके डेटा को चुरा सकते हैं।

सतर्कता ही है बचाव

डिजिटल पेमेंट सुरक्षित है, बशर्ते हम सतर्क रहें। अगर आपको कभी किसी कोड या ट्रांजैक्शन पर शक हो, तो तुरंत अपने बैंक की हेल्पलाइन या साइबर सेल से संपर्क करें। अपनी मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स की सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत रखें और दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें। थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी आपको साइबर अपराधियों की चाल से बचा सकती है और आपको डिजिटल भारत के लाभ का पूरा आनंद लेने देगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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