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Gold Price Crash: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! ईरान युद्ध का क्या है असर? जानें खरीदारी का सही समय

ईरान-अमेरिका/इजरायल युद्ध के बावजूद, सोने और चांदी की कीमतों में अचंभित गिरावट देखी जा रही है। 10 मार्च को 24 कैरेट सोना 1,58,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर और चांदी 2,62,803 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। मुनाफावसूली, मजबूत डॉलर और ब्याज दरों के कारण सोना 8,000 रुपये और चांदी 28,000 रुपये सस्ता हो गया है। यह गिरावट तब तक बनी रह सकती है जब तक मध्य पूर्व में स्थिरता नहीं आती।

By Pinki Negi

Gold Price Crash: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! ईरान युद्ध का क्या है असर? जानें खरीदारी का सही समय

ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की आंशिक लपटें के बावजूद, सोना और चांदी की कीमतों में अचंभित गिरावट देखी जा रही है। आमतौर पर युद्ध और राजनीतिक तनाव के समय सोने को ‘सेफ हेवें’ या सुरक्षित जमीन माना जाता है और कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन इस बार मध्य पूर्व में छेड़खनी युद्ध के बावजूद, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आ रही है।

वर्तमान स्थिति: 10 मार्च 2026

10 मार्च को भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में फिर से गिरावट आई। इंडिया बुलेन एंड ज्वेलर्स एशोसिएशन की वेबसाइट के अनुसार, 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1,58,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,350 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने की कीमत 1,19,010 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।

युद्ध के बाद कीमतों में गिरावट

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट देखी गई। युद्ध शुरू होने से पहले 16,6469 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा था, जो अब 1,58,670 रुपये पर आ गया है। वहीं, चांदी 2,89,936 रुपये प्रति किलो से 2,62,803 रुपये पर गिर गई है। यानी युद्ध के बाद से सोने में 8,000 रुपये और चांदी में 28,000 रुपये की गिरावट देखी गई है।

युद्ध के बावजूद गिरावट के कारण

यह तनाव और तनाव के बावज, जहां तेल और शेयर बाजार पर युद्ध का गंभीर असर पड़ रहा है, वहीं सोने-चांदी पर इस युद्ध का असर नहीं दिख रहा है। इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (Profit Booking) की गई है। सोने से पैसा निकालकर शेयर बाजार में हो रहे नुकसान की भरपई की जा रही है। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमत से महंगाई बढ़ रही है।

केंद्रीय बैंक ब्याज दरें कम करने के बजाय बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं ऊंची ब्याज दर से सोने पर दबाव बढ़ता है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती सोने में गिरावट की बड़ी वजह है। युद्ध के बीच लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए केंद्रीय बैंकों ने सोना खरीदना बंद कर दिया है। मांग कम होने से कीमत में गिरावट आई है।

निवेश के लिए सही मौक

बाजार जानकारों की माने तो सोना-चांदी अभी काफी उतार-चढ़ाव से गुजर सकता है। यानी अभी सोने-चांदी में ये गिरावट तब तक दिख सकती है, जब तक कि मध्य पूर्व में स्थिरता नहीं आती है। हालांकि लॉट लंबे में सोना हमेशा अच्छा रिटर्न देने वाला निवेश होता है। अगर आप सोने-चांदी में निवेश करना चाहते हैं तो एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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