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AC खरीदने वालों को तगड़ा झटका! गर्मी से पहले 15% तक बढ़े दाम, Daikin से LG तक की नई कीमतें देखें

जैसे‑जैसे तापमान चढ़ रहा है, वैसे‑वैसे एयर कंडीशनर खरीदना भी महंगा होता जा रहा है। बड़ी कंपनियां Daikin, Voltas, Blue Star, LG, Haier और Mitsubishi फरवरी से अप्रैल के बीच अपने रूम AC की कीमतें 5–15% तक बढ़ा रही हैं। वजह है कॉपर जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमत, रुपये की कमजोरी, महंगी माल ढुलाई और नए ऊर्जा दक्षता नियम, जिनसे प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ गई है।

By Pinki Negi

AC खरीदने वालों को तगड़ा झटका! गर्मी से पहले 15% तक बढ़े दाम, Daikin से LG तक की नई कीमतें देखें

देश भर के AC खरीदारों के लिए इस बार गर्मी की शुरुआत से पहले ही महंगाई का करंट महसूस होने लगा है। जैसे‑जैसे तापमान ऊपर जा रहा है, उसी रफ्तार से एयर कंडीशनर की कीमतें भी चढ़ान पर हैं। इंडस्ट्री से आ रही जानकारी के मुताबिक रूम एयर कंडीशनर बनाने वाली कंपनियां फरवरी से अप्रैल के बीच अपने प्रोडक्ट्स के दाम करीब 5 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा रही हैं। यह वही समय होता है, जब आमतौर पर AC की मांग सबसे तेजी से बढ़ती है और लोग नए सीजन के लिए खरीदारी की प्लानिंग करते हैं।

5-15% तक महंगे हुए रूम AC

इस साल रूम AC सेगमेंट में काम करने वाली लगभग सभी बड़ी कंपनियों ने प्राइस रिविजन की तैयारी कर ली है। कंपनियां अलग‑अलग कैटेगरी के मॉडल्स – जैसे विंडो AC, स्प्लिट AC और इन्वर्टर AC- में लागत के हिसाब से दाम बढ़ा रही हैं। औसतन देखा जाए तो 5 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी से लेकर 15 प्रतिशत तक का करंट उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ सकता है। अगर किसी AC की कीमत पहले 40 हजार रुपये थी, तो 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद वही मॉडल अब लगभग 44 हजार रुपये तक पहुंच सकता है।

चूंकि यह बढ़ोतरी चरणबद्ध तरीके से फरवरी से अप्रैल के बीच लागू की जा रही है, इसलिए अभी कई जगह पुराने स्टॉक पर पुरानी कीमतें भी दिखाई दे रही हैं, लेकिन जैसे‑जैसे यह स्टॉक खत्म होगा, नई कीमतें पूरी तरह सामने आ जाएंगी।

Daikin से Blue Star तक सबकी चाल

कीमतें बढ़ाने की लिस्ट में Daikin, Voltas, Blue Star, LG, Haier और Mitsubishi जैसे लगभग सभी बड़े ब्रांड शामिल हैं। Daikin India के चेयरमैन‑MD ने साफ किया है कि कंपनी अप्रैल से अपने AC की कीमतों में करीब 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने जा रही है। उनका कहना है कि अलग‑अलग मॉडल के हिसाब से प्राइस हाइक का प्रतिशत अलग होगा, लेकिन broadly 7-12 फीसदी की रेंज में बढ़ोतरी होगी।

Blue Star के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. थियागराजन ने भी बताया कि कंपनी फरवरी के मध्य में ही 8-10 प्रतिशत तक दाम बढ़ा चुकी है। फिलहाल बाजार में पुरानी कीमत वाला स्टॉक उपलब्ध होने की वजह से ग्राहक को तुरंत बड़ा झटका महसूस नहीं हो रहा, लेकिन आने वाले हफ्तों में दुकानों पर नए MRP वाले AC ज्यादा दिखने लगेंगे।

कच्चा माल, रुपया और सप्लाई चेन ने बढ़ाया दबाव

कंपनियों का तर्क है कि यह प्राइस हाइक मजबूरी में लिया गया फैसला है। AC बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली धातुओं में कॉपर का नाम सबसे ऊपर आता है – कॉइल, पाइपिंग और कंप्रेसर जैसे हिस्सों में इसकी खपत भारी मात्रा में होती है। पिछले कुछ समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की कीमत में तेज उछाल आया है, जिसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ा है। इसके साथ‑साथ एल्युमीनियम और स्टील जैसे अन्य मेटल्स भी महंगे हुए हैं, जिससे पूरी बिल्ड कॉस्ट बढ़ गई है।

दूसरा बड़ा फैक्टर है रुपये की कमजोरी। डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने की वजह से जो कंपोनेंट्स विदेश से आयात किए जाते हैं – जैसे कंप्रेसर, कुछ इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और रेफ्रिजरेंट गैस – वे पहले से ज्यादा महंगे पड़ रहे हैं। ऊपर से ग्लोबल स्तर पर जारी आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता ने सप्लाई चेन को भी दबाव में डाल रखा है। फ्रेट और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में बढ़ोतरी से भी कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ आया है, जिसका हिस्सा अब वे ग्राहकों तक पास‑ऑन कर रही हैं।

नए एनर्जी नॉर्म्स ने भी बढ़ाई लागत

कीमत बढ़ने की एक और अहम वजह सरकार की तरफ से लागू किए जा रहे नए एनर्जी एफिशिएंसी नॉर्म्स हैं। Bureau of Energy Efficiency (BEE) के संशोधित स्टार‑रेटिंग नियम 2026 से लागू हो गए हैं, जिनके तहत AC को पहले की तुलना में ज्यादा ऊर्जा‑दक्ष बनाना अनिवार्य हो गया है। इसका मतलब है कि कंपनियों को बेहतर टेक्नोलॉजी, हाई‑एफिशिएंसी कंप्रेसर, एडवांस कंट्रोल सर्किट और क्वालिटी कॉपर‑एल्युमीनियम कॉइल का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इन सबके चलते मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है।

कंपनियां हालांकि यह दलील भी दे रही हैं कि नए स्टार‑रेटेड मॉडल पुराने मॉडल्स की तुलना में ज्यादा बिजली बचाएंगे। यानी ग्राहक को खरीद के समय भले ही ज्यादा कीमत चुकानी पड़े, लेकिन लंबे समय में बिजली के बिल में बचत के रूप में उसे फायदा मिल सकता है। नए नॉर्म्स के बाद 2026 का 5‑स्टार AC, पुराने 5‑स्टार के मुकाबले ज्यादा ऊर्जा‑दक्ष माना जा रहा है, इसलिए हाईर MRP के बावजूद इसे एक तरह का लॉन्ग‑टर्म इन्वेस्टमेंट कहा जा रहा है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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