
कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (ईपीएस-95) के लाखों पेंशनर्स ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर सोमवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। रिटायर्ड प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान 1,000 रुपये मासिक न्यूनतम पेंशन महंगाई के इस दौर में गुजारा करने लायक नहीं है। वे 7,500 रुपये न्यूनतम पेंशन, महंगाई भत्ता (डीए), मुफ्त मेडिकल सुविधा और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तुरंत लागू करने की मांग कर रहे हैं।
पेंशनर्स की प्रमुख मांगें: हक या मजबूरी?
पेंशनर्स संगठनों के अनुसार, फिलहाल 89 लाख से अधिक पेंशनर्स को 1,000 रुपये से कम पेंशन मिल रही है, जो 2014 से अपरिवर्तित है। उनकी पहली बड़ी मांग है न्यूनतम पेंशन को 7,500 रुपये (डीए सहित) करने की, जो मौजूदा राशि से 7.5 गुना अधिक होगी। दूसरी मांग मेडिकल सुविधा की है- बढ़ती उम्र और बीमारियों को देखते हुए पेंशनरों व उनके जीवनसाथी के लिए पूर्ण मुफ्त इलाज। तीसरी मांग उन कर्मचारियों के लिए है, जो ईपीएस-95 में शामिल नहीं हो सके, उन्हें कम से कम 5,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाए। इसके अलावा, 15,000 रुपये सैलरी सीमा हटाने और उच्च वेतन पर पूर्ण पेंशन का प्रावधान भी जोर पकड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट का 4 नवंबर 2022 का ऐतिहासिक फैसला मील का पत्थर है। अदालत ने कहा कि कर्मचारी वास्तविक सैलरी पर उच्च पेंशन पाने के हकदार हैं, भले ही 2014 संशोधन ने सीमा बढ़ाई हो। पेंशनर्स चाहते हैं कि ईपीएफओ इस फैसले को बिना देरी लागू करे, क्योंकि 2023-24 में प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठे।
EPS-95 विवाद की पूरी टाइमलाइन
- 1995: भारत सरकार ने ईपीएफओ के तहत ईपीएस-95 शुरू की, जिसमें नियोक्ता का 8.33% योगदान पेंशन कोष में जाता है।
- 2014: सैलरी सीमा 6,500 से बढ़ाकर 15,000 रुपये की गई, लेकिन न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये ही रही।
- 2019-20: पेंशनर्स आंदोलन तेज, उच्च पेंशन की मांग शुरू।
- 2022: सुप्रीम कोर्ट ने संशोधन को वैध माना, लेकिन उच्च पेंशन का विकल्प दिया।
- 2023-24: ईपीएफओ ने उच्च पेंशन के लिए पोर्टल व प्रक्रिया शुरू की।
- 2026: मार्च में संसदीय पैनल की सिफारिश पर न्यूनतम पेंशन वृद्धि पर विचार, लेकिन विरोध तेज।
वर्तमान गणना फॉर्मूला सरल है: पेंशन = (औसत मासिक वेतन × सेवा वर्ष) / 70। 15,000 सीमा के कारण अधिक कमाने वाले कर्मचारी नुकसान में हैं। यदि सीमा हटी, तो उच्च सैलरी वालों की पेंशन कई गुना बढ़ सकती है।
सरकार-ईपीएफओ की प्रतिक्रिया और भविष्य
ईपीएफओ ने हालिया अपडेट में पेंशन क्रेडिट तारीख तय की है, लेकिन वृद्धि पर चुप्पी साधी। संसदीय समिति 7,500 रुपये की सिफारिश कर चुकी है, और मार्च 2026 में नई स्कीम की उम्मीद है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बजट दबाव व सरकारी मंजूरी में देरी हो सकती है। पेंशनर्स उमंग ऐप या ईपीएफओ पोर्टल से अपडेट चेक कर सकते हैं।









