
मौसम ने करवट ले ली है। मार्च का महीना अभी आया ही है, लेकिन तापमान तेजी से चढ़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। ऐसे में सिर्फ पानी पीना काफी नहीं। पसीने से इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे नमक, पोटैशियम नष्ट हो जाते हैं, जिससे थकान, चक्कर, सिरदर्द और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह की सलाह मानें तो एक ‘समर किट’ तैयार कर लीजिए। यह आयुर्वेदिक तरीके से बॉडी को हाइड्रेट रखेगी, ठंडक देगी और लू से बचाएगी। बच्चों से बुजुर्ग तक इसे अपनाएं।
गर्मी के खतरे और लू के लक्षण
गर्मियों में शरीर का तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है, तो हीट स्ट्रोक यानी लू का सामना करना पड़ सकता है। लक्षणों में सूखा मुंह, उल्टी, तेज बुखार शामिल हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, बाहर काम करने वाले, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। श्वेता शाह कहती हैं, “पानी तो सेल्स तक पहुंचता है, लेकिन मिनरल्स की कमी पूरी नहीं होती। इसलिए नेचुरल ड्रिंक्स और पैक्स जरूरी हैं। कम तेल-मसाले वाले लिक्विड फूड्स लें, रसीले फल खाएं।”
आयुर्वेदिक समर किट
यह किट रोजाना रूटीन में शामिल करें। सुबह से शाम तक हाइड्रेशन बनाए रखेगी।
सुबह का हर्बल काढ़ा
सुबह खाली पेट हर्बल काढ़ा पिएं। सौंफ, धनिया बीज और पुदीना लें। दो गिलास पानी में उबालें जब तक रंग न बदल जाए। छानकर गुनगुना पी लें। यह पाचन सुधारता है, शरीर को अंदर से ठंडा रखता है। गर्मी की जलन कम करता है।
खस वाला पानी
एक लीटर पानी में खस की जड़ें डालें, 4-5 घंटे भिगोएं। दिनभर थोड़ा-थोड़ा पिएं। खस वेटिवर हर्ब है, जो हाइड्रेट करता है और त्वचा को चमकदार बनाता है। तापमान बढ़ने पर बॉडी को रिफ्रेश फील कराता है।
कूलिंग नाभि पैक
गर्मी में पेट फूलना या जलन आम है। चंदन पाउडर, एलोवेरा जेल, गुलाब पाउडर और थोड़ा घी मिलाकर पेस्ट बनाएं। नाभि के चारों ओर 15-20 मिनट लगाएं। यह आयुर्वेदिक तरीका शरीर को कूल रखता है, डिहाइड्रेशन रोकता है।
क्लासिक समर ड्रिंक्स
न्यूट्रिशनिस्ट्स की पुरानी सलाह भी जोड़ें:
- ओआरएस या नींबू पानी: चुटकी नमक-चीनी डालें। तुरंत एनर्जी।
- सत्तू शरबत-लस्सी: प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स से भरपूर।
- नारियल पानी: प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स।
- छाछ-खीरा: हल्का नमक मिलाकर पिएं।
- तरबूज: 90% पानी, विटामिन्स लोडेड।
बचाव के टिप्स: लू से दूर रहें
- दोपहर 12-4 बजे बाहर न निकलें। ढीले कपड़े, टोपी पहनें।
- प्याज का टुकड़ा जेब में रखें।
- फल-सब्जियां धोकर खाएं।
- दवाओं पर डॉक्टर से सलाह लें।









