Tags

बिजली बिल का झंझट खत्म! वैज्ञानिकों ने बनाया जादुई कंक्रीट, अब घर की दीवारें बनेंगी ‘बैटरी’

MIT के वैज्ञानिकों ने जादुई कंक्रीट (EC3) विकसित किया है जो दीवारों को बैटरी में बदल देता है। यह तकनीक सीमेंट, पानी और कार्बन ब्लैक से सुपरकैपेसिटर बनाती है जो 10 गुना अधिक ऊर्जा स्टोर कर सकती है। केवल 5 घन मीटर कंक्रीट एक पूरे घर की दैनिक बिजली जरूरतें पूरी कर सकता है, जिससे भविष्य में बिजली बिल का बोझ खत्म हो सकता है।

By Pinki Negi

बिजली बिल का झंझट खत्म! वैज्ञानिकों ने बनाया जादुई कंक्रीट, अब घर की दीवारें बनेंगी 'बैटरी'

कल्पना कीजिए कि आपके घर की दीवारें, फर्श और नींव आपके घर के पंखे और लाइटों को चलाने के लिए बिजली स्टोर करने लगें। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के शोधकर्ताओं ने इस कल्पना को हकीकत में बदलते हुए एक ऐसा ‘स्मार्ट कंक्रीट’ विकसित किया है, जो पूरी इमारत को एक विशाल बैटरी में बदल सकता है । यह क्रांतिकारी तकनीक भविष्य में न केवल बिजली बिलों को खत्म कर सकती है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संकट का स्थायी समाधान भी बन सकती है।

रोमन वास्तुकला से प्रेरित नई तकनीक

इस खास कंक्रीट को तैयार करने के लिए वैज्ञानिकों ने सदियों पुरानी रोमन वास्तुकला से प्रेरणा ली है । इसमें साधारण सीमेंट और पानी के साथ ‘कार्बन ब्लैक’ (बेहद महीन कार्बन) और इलेक्ट्रोलाइट का इस्तेमाल किया गया है। जब सीमेंट और पानी आपस में मिलते हैं, तो उनके बीच छोटे-छिद्र बन जाते हैं। कार्बन ब्लैक इन छिद्रों में जाकर एक तार की तरह ‘कंडक्टर नेटवर्क’ तैयार कर देता है । इस नए वर्जन को ‘EC3’ (इलेक्ट्रॉन-कंडक्टिव कार्बन कंक्रीट) नाम दिया गया है। यह सामान्य निर्माण सामग्री की तरह मजबूत है और सुपरकैपेसिटर की तरह बिजली स्टोर करने में सक्षम भी है ।

सुपरकैपेसिटर की तरह बिजली स्टोर करने में सक्षम

शोध के अनुसार, केवल एक घन मीटर कंक्रीट लगभग 2 किलोवॉट घंटा (kWh) बिजली जमा कर सकता है । मात्र 5 घन मीटर कंक्रीट एक औसत घर की पूरे दिन की बिजली जरूरत को पूरा करने के लिए काफी है। दिन के समय सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को इन दीवारों में स्टोर किया जा सकेगा, जिसका उपयोग रात में हो पाएगा । नवीनतम अपडेट के मुताबिक, MIT की टीम ने ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोलाइट्स का उपयोग करके इसकी ऊर्जा भंडारण क्षमता को पिछले डिजाइनों की तुलना में 10 गुना बढ़ा दिया है ।

लिथियम-आयन बैटरियों से बेहतर विकल्प

आजकल की बैटरियों (लिथियम-आयन) के मुकाबले यह कंक्रीट कई मायनों में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इसमें लिथियम या कोबाल्ट जैसे महंगे और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले खनिजों की जरूरत नहीं है । कंक्रीट दुनिया की सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री है, और यह तकनीक उसी का फायदा उठाती है। सुपरकैपेसिटर तेजी से चार्ज और डिस्चार्ज हो सकते हैं, जिससे वे ऊर्जा भंडारण के लिए अत्यंत कुशल साबित होते हैं ।

सड़कें चार्ज करेंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियां

इसका इस्तेमाल सिर्फ घरों में ही नहीं, बल्कि सड़कों और पार्किंग लॉट बनाने में भी हो सकता है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को चलते-चलते या खड़े रहने पर चार्ज किया जा सके । MIT की टीम इस तकनीक को पार्किंग स्पेस, सड़कों और घरों तक ले जाने पर काम कर रही है। भविष्य में ऐसी सड़कें बन सकती हैं, जो इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करें, और ऐसे घर जो पूरी तरह ग्रिड से अलग होकर भी काम कर सकें । दूरदराज के इलाकों जहां बिजली ग्रिड की पहुंच नहीं है, वहां सोलर पैनल के साथ इस कंक्रीट का उपयोग करके स्वतंत्र ऊर्जा प्रणाली बनाई जा सकती है ।

आत्म-निगरानी की अनोखी क्षमता

एक और दिलचस्प पहलू यह है कि जब इस कंक्रीट से बनी संरचनाओं पर दबाव डाला जाता है, तो उनकी ऊर्जा आउटपुट में बदलाव आता है । MIT के प्रमुख शोधकर्ता अदमिर मासिक के अनुसार, “यह एक तरह की स्व-निगरानी क्षमता हो सकती है। अगर हम एक बड़े पैमाने पर EC3 आर्च की बात करें, तो इसका आउटपुट तेज हवाओं जैसे दबाव के समय बदल सकता है। हम इसका उपयोग यह संकेत देने के लिए कर सकते हैं कि संरचना पर कब और कितना दबाव पड़ रहा है, या इसकी समग्र स्वास्थ्य स्थिति की वास्तविक समय में निगरानी कर सकते हैं” ।

चुनौतियां और भविष्य की राह

हालांकि यह तकनीक क्रांतिकारी है, लेकिन इसके व्यापक उपयोग में अभी कुछ चुनौतियां बाकी हैं। स्केलेबिलिटी, दीर्घकालिक टिकाऊपन, कनेक्टरों का एकीकरण, और बैटरियों की तुलना में ऊर्जा घनत्व का अंतर अभी भी शोध का विषय है । वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले 5-10 वर्षों में यह तकनीक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध हो सकती है । MIT की टीम औद्योगिक सहयोगियों के साथ मिलकर इन चुनौतियों को दूर करने पर काम कर रही है ।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें