
मार्च 2026 आम लोगों के लिए जितना त्योहारों का महीना है, उतना ही कामकाजी लोगों के लिए प्लानिंग का भी महीना बन गया है। उन्नाव समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बेसिक शिक्षा परिषद और जिला प्रशासन की अवकाश तालिका के मुताबिक 21, 26 और 31 मार्च को लगातार बड़े सार्वजनिक अवकाश तय किए गए हैं, जिनका सीधा असर सरकारी दफ्तरों, अदालतों, स्कूल-कॉलेजों और बैंकों के कामकाज पर दिखेगा। इसके साथ ही होली और स्थानीय अवकाश मिलाकर मार्च में छुट्टियों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अगर आपने समय रहते अपने जरूरी काम निपटाए नहीं, तो वे आसानी से बीच में अटक सकते हैं।
21 मार्च: ईद उल फितर और लम्बा वीकेंड
उन्नाव में 21 मार्च को ईद उल फितर के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह दिन शनिवार पड़ने के कारण पहले से ही सुविधा वाला था, लेकिन अब बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित और मान्यता प्राप्त सभी बेसिक विद्यालयों के साथ सरकारी कार्यालय भी पूरी तरह बंद रहेंगे। इससे लोगों को लगातार दो दिन आराम का मौका तो मिलेगा, मगर बैंकिंग, कागजी औपचारिकताएं, कोर्ट से जुड़े काम या स्कूल-ऑफिस से जुड़ी जरूरतें इस दौरान नहीं निपट सकेंगी। बैंक यूनियन के कैलेंडर में भी 21 मार्च को ईद की छुट्टी दर्ज है, यानी ज्यादातर शाखाओं में काउंटर बंद रहेंगे, केवल डिजिटल ट्रांजेक्शन ही विकल्प रहेंगे।
26 मार्च: नवरात्रि में रामनवमी की छुट्टी
मार्च के ही तीसरे हफ्ते से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और 26 मार्च को रामनवमी के पावन अवसर पर सार्वजनिक अवकाश तय किया गया है। प्रशासनिक आदेश के अनुसार इस दिन भी सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे और न्यायालयों की नियमित सुनवाई नहीं होगी। बैंक यूनियन कैलेंडर के मुताबिक 26 मार्च को भी देश के कई राज्यों, खासकर उत्तर भारत और कुछ पूर्वी राज्यों में बैंकों की छुट्टी रहेगी, जिससे चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट, कैश डिपॉजिट या बड़े ट्रांसफर जैसे काम अगले कार्यदिवस तक टल सकते हैं। चूंकि यह तारीख महीने के आखिरी सप्ताह में आती है, इसलिए सरकारी विभागों में फाइल मूवमेंट और बिल पास होने जैसे कामों पर भी असर पड़ना तय है।
31 मार्च: महावीर जयंती और फाइनेंशियल ईयर क्लोज़िंग
माह का आखिरी दिन 31 मार्च अपने आप में बेहद अहम है, क्योंकि यहीं से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले सालाना क्लोज़िंग का दौर चलता है। उन्नाव में 31 मार्च को महावीर जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, जिसकी वजह से सभी स्कूल, कॉलेज और अधिकांश सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। बैंकों के लिए यह दिन डबल प्रेशर वाला रहता है: एक ओर महावीर जयंती की छुट्टी, दूसरी ओर सालाना क्लोज़िंग की आंतरिक प्रक्रियाएं, जिसके कारण आम ग्राहकों के लिए काउंटर सर्विस या तो सीमित रहती है या पूरी तरह बंद रहती है।
कई बैंक शाखाएं इस दिन मुख्य रूप से बैलेंस शीट फाइनल करने, खातों की सालाना एंट्री और रिपोर्टिंग जैसे इन-हाउस काम पर फोकस करती हैं, जिससे लोन सेटलमेंट, बड़े कैश ट्रांजेक्शन और डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन जैसी सेवाएं प्रभावित होती हैं।
होली, लोकल हॉलिडे और अदालतों की अलग सूची
इन तीन बड़ी तारीखों के बीच होली के मौके पर भी मार्च की शुरुआत में छुट्टियों की अलग लाइन लगी है। उन्नाव में प्रशासनिक कार्यालय और जिला न्यायालय ने 5 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित किया, जिसे स्थानीय अवकाश सूची में शामिल किया गया है। जिला जज के आदेश के अनुसार इस दिन जिले की सभी अदालतें बंद रहेंगी, साथ ही हसनगंज, बीघापुर और बांगरमऊ स्थित न्यायालयों और सम्बंधित कार्यालयों में भी कामकाज नहीं होगा।
दिलचस्प बात यह है कि बीते फरवरी में महाशिवरात्रि का अवकाश रविवार को पड़ने की वजह से कर्मचारियों को अलग से छुट्टी का लाभ नहीं मिल सका था, जिसे देखते हुए अदालतों ने 5 मार्च को लोकल हॉलिडे देकर इसकी भरपाई जैसी व्यवस्था की है।
आम लोगों को क्या करना चाहिए
मार्च 2026 में कुल मिलाकर पांच रविवार, दो शनिवार और होली, ईद, रामनवमी, महावीर जयंती जैसे त्योहारों के साथ स्थानीय अवकाश मिलाकर लगभग 18 दिन तक किसी न किसी रूप में बैंकिंग और सरकारी कामकाज प्रभावित रहना तय है। ऐसे में अगर आपको पासबुक अपडेट, चेक जमा, ड्राफ्ट बनवाने, लोन की आखिरी किस्त चुकाने, स्कूल या कॉलेज की फीस जमा करने, कोर्ट में तारीख पर पेशी या सरकारी योजना से जुड़ा कोई कागजी काम कराना हो, तो तारीखें देखकर ही प्लान बनाना समझदारी होगी।
ऑनलाइन और UPI आधारित सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी, लेकिन जहां भी फिजिकल वेरिफिकेशन या दस्तावेज जमा करने की जरूरत हो, वहां आपको इन छुट्टियों के बीच फंसने से बचना होगा। मार्च का यह व्यस्त और छुट्टीभरा कैलेंडर साफ संकेत देता है कि जिसने जितनी जल्दी अपने जरूरी काम निपटा लिए, वह उतना ही साल के अंतिम महीने की भागदौड़ से बचा रहेगा।









