
होली त्योहार के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं। पहले जहां प्रदेश के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में होली अवकाश 4 मार्च तक निर्धारित था, वहीं अब इसे 6 मार्च तक के लिए एक्सटेंड कर दिया गया है। नया आदेश राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। शिक्षा विभाग को इस संबंध में औपचारिक निर्देश भेजे जा चुके हैं और जिलों के प्रशासन को इन्हें सख्ती से अनुपालन करने को कहा गया है।
होली के बाद भी भीड़ और यात्राओं को देखते हुए फैसला
राज्य सरकार ने साफ कहा है कि होली केवल एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में इसे कई दिनों तक बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। त्योहार के तुरंत बाद भी बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भारी भीड़-भाड़ रहती है। साथ ही, बड़ी संख्या में लोग अपने गांव और रिश्तेदारों के यहां आने-जाने के लिए यात्राएं करते हैं। ऐसे माहौल में स्कूल खोलने पर छात्रों और शिक्षकों को सफर और भीड़ दोनों का सामना करना पड़ता, जो सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता था।
इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 5 और 6 मार्च तक भी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है, ताकि परिवहन व्यवस्था पर दबाव कम हो और बच्चे व कर्मचारी बिना किसी दबाव के त्योहार का समापन कर सकें। अवकाश बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले बच्चों और स्टाफ को भी पर्याप्त समय मिल जाएगा।
सभी बोर्डों की नियमित कक्षाएं तो बंद
होली की छुट्टियां बढ़ाए जाने के बाद अभिभावकों और छात्रों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या बोर्ड परीक्षाओं पर इसका असर पड़ेगा। राज्य सरकार ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि बोर्ड एग्जाम के कार्यक्रम में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा रहा है। यानी जिन स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं के सेंटर बनाए गए हैं, वहां परीक्षा पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही आयोजित की जाएगी।
स्कूलों में केवल रेगुलर कक्षाओं पर अवकाश लागू रहेगा। परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के लिए तय समय पर पेपर होंगे और आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व योजना के अनुसार संचालित की जाएंगी। परीक्षा देने वाले छात्रों से अपील की गई है कि वे स्कूल या सेंटर प्रबंधन द्वारा जारी एडमिट कार्ड और निर्देशों के अनुसार समय पर केंद्र पर पहुंचें और अवकाश से जुड़े निर्णय से भ्रमित न हों।
12 मार्च तक पूरी होंगी यूपी बोर्ड परीक्षाएं
उधर, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं भी अपने अंतिम चरण में हैं। इन बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 12 मार्च तक संपन्न कराया जाएगा। इस वर्ष यूपी बोर्ड हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए कुल 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है, जो राज्य के शिक्षा तंत्र के विशाल दायरे को दर्शाता है।
आंकड़ों के अनुसार, हाई स्कूल (कक्षा 10) की परीक्षा के लिए 27,50,945 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इनमें 14,38,683 बालक और 13,12,263 बालिकाएं शामिल हैं। इंटरमीडिएट (कक्षा 12) में कुल 24,79,352 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 13,03,012 छात्र और 11,76,340 छात्राएं परीक्षा दे रही हैं। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को देखते हुए सरकार और शिक्षा विभाग दोनों परीक्षा प्रक्रिया को समय पर और सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
सुरक्षा और परीक्षा के बीच संतुलन की कोशिश
सरकार का यह फैसला एक तरह से दोहरे संतुलन की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर वह होली के बाद होने वाली भीड़, यात्राओं और संभावित अव्यवस्था से छात्रों व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है, वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षाओं की समयबद्धता पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जा रहा है।
स्कूलों में सामान्य कक्षाएं न चलने से छोटे बच्चों को अतिरिक्त अवकाश मिल जाएगा, जबकि बोर्ड के छात्रों के लिए परीक्षा शेड्यूल जस का तस रहने से उनके शैक्षणिक कैलेंडर में कोई बदलाव नहीं आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय उन परिवारों के लिए भी राहतकारी है, जो त्योहार पर बाहर गए हैं और जिनके बच्चों की अभी बोर्ड परीक्षा नहीं है।









