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Vande Bharat Sleeper: अब सोकर पूरा होगा लंबा सफर! 2026 में इन नए रूट्स पर दौड़ेगी ‘वंदे भारत स्लीपर’, देखें पूरी लिस्ट।

2026 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का स्वर्णिम वर्ष साबित हो रहा है। पहली ट्रेन हावड़ा-कामाख्या पर जनवरी से दौड़ रही है, जबकि 12 नई स्लीपर और 28 ट्रेन सेट्स लॉन्च होंगे। दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-चेन्नई जैसे हाई-डिमांड ओवरनाइट रूट्स (1000-1500 किमी) पर फोकस। प्रीमियम बर्थ, 160 किमी/घंटा स्पीड से राजधानी को पछाड़ेंगी।

By Pinki Negi

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भारतीय रेलवे के इतिहास में 2026 का साल एक मील का पत्थी साबित होने वाला है। वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत के साथ ही भारतीय रेलवे ने अब लंबी दूरी की यात्राओं में क्रांतिकारी बदलाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहले ही रूट पर शुरू हुई इस परियोजना ने अब तक जो शुरुआत की है, वह भविष्य के लिए एक नया मॉडल साबित हो सकता है। विशेषतः ओवरनाइट यात्राओं पर फोकस करते हुए रेलवे ने 1000 से 1500 कमी के बीच के दूरी वाले रूट्स को प्राथमिकता दी है, जहां यात्रा का आनंद और आराम दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।

पहली परियोजना और सफलता की कहानी

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन जनवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। यह ट्रेन हावड़ा और कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच चल रही है, जो लगभग 958 कमी की दूरी तय करती है। इस ट्रेन में यात्रियों को प्रीमियम सुविधाएं दी जा रही हैं, जिनमें ऑटोमैटिक डोors, एयर टाइट टॉयलेट और आरामदायक बर्थें शामिल हैं। इसकी सफलता के बाद रेलवे अब इस प्रारूप को देश के अन्य महत्वपूर्ण रूट्स पर लागू करने की तैयारी में लगा है।

2026 का बड़ा लक्ष्य

रेल मंत्रालय के अनुसार, 2026 में कुल 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को लॉन्च करने का लक्ष्य है। इसमें 16 कोच वाले रेक भी शामिल हैं, जो यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेंगे। इसके अतिरिक्त, बजट 2026 में 28 नए वंदे भारत ट्रेन सेट्स जोड़े जाने की घोषणा की गई है, जिससे देश भर में तेज और सुरक्षित यात्रा के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

नए रूट्स और संभावित मार्ग

रेलवे ने 2026 में कई नए रूट्स को शामिल करने की योजना बनाई है, जिनमें दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा, और मुंबई-अहमदाबाद जैसे प्रमुख कॉरिडोर शामिल हैं। इसके अलावा, लखनऊ-पटना, लखनऊ-जयपुर, और लखनऊ-जम्मू जैसे रूट्स पर भी विचार किया जा रहा है। इनमें से कुछ रूट्स तकनीकी कारणों से रोक दिए गए हैं, लेकिन भविष्य में इनके लॉन्च की संभावना है।

तकनीकी उन्नति और भविष्य की तैर

वर्तमान में, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में 180 km/h की अधिकतम गति प्राप्त करने की क्षमता है, लेकिन सुरक्षा और सुविधा के लिए 160 km/h की गति पर चलाई जा रही हैं। भविष्य में, कवच 5.0 जैसी उन्नत सुरक्षा प्रणाली और अधिक गति क्षमता के साथ नई पीढ़ी की ट्रेनों की शुरुआत की उम्मीद है

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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