
भारत में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई क्रांतिकारी योजनाएं चला रही हैं। इनमें सस्ते या ब्याज मुक्त लोन के साथ मुफ्त बिजनेस ट्रेनिंग शामिल है, जो महिलाओं को घर से निकलकर स्वरोजगार की राह दिखा रही हैं। आज महिलाएं सिर्फ घर संभालने तक सीमित नहीं, बल्कि स्टार्टअप और छोटे कारोबारों में चमक रही हैं। 2026 तक लाखों महिलाओं ने इन स्कीम्स का लाभ उठाया है, जिससे ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार बढ़ा है।
पीएम मुद्रा योजना
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) 2015 से महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। यह गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे उद्यमों को 10 लाख तक का सुरक्षित ऋण देती है, जो अब 20 लाख तक बढ़ सकता है। योजना चार श्रेणियों में बंटी है – शिशु (50,000 तक), किशोर (5 लाख तक), तरुण (10 लाख तक) और तरुण प्लस। महिलाओं को विशेष छूट मिलती है, जैसे कम ब्याज दर (7-12%) और कोई गारंटी न चाहिए। Bajaj Finserv और PNB जैसे बैंक इसे आसानी से मंजूर करते हैं।
उदाहरणस्वरूप, दिल्ली की सोलर दुकान संचालिका जैसी महिलाएं सिलाई केंद्र या किराना दुकान शुरू करने के लिए शिशु लोन ले सकती हैं। आवेदन mudra.org.in पर ऑनलाइन होता है – आधार, बैंक पासबुक और बिजनेस प्लान पर्याप्त। 2026 बजट में महिलाओं के लिए और छूट की घोषणा हुई, जिससे 54 करोड़ से ज्यादा लोन स्वीकृत हो चुके हैं। यह योजना न सिर्फ पूंजी देती है, बल्कि स्थानीय रोजगार भी पैदा करती है।
पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम
पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) 2008 से MSME मंत्रालय के तहत चल रहा है। यह ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में नए माइक्रो उद्यमों को 15-35% सब्सिडी देता है। विनिर्माण के लिए 50 लाख और सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख तक की परियोजनाएं मान्य हैं। महिलाओं, SHG और सहकारी समितियों को प्राथमिकता मिलती है। KVIC इसे लागू करता है, जिसमें फ्री स्किल ट्रेनिंग भी शामिल है।
ग्रामीण महिलाओं को 35% सब्सिडी और शहरी को 25% लाभ होता है। पात्रता सरल – 18+ आयु, नया बिजनेस। आवेदन pmegp.nic.in पर ई-पोर्टल से। इससे हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में महिलाएं सफल हो रही हैं। 2026 में दिल्ली-एनसीआर में हजारों ने लाभ लिया, जो आत्मनिर्भर भारत को मजबूत कर रहा है।
लखपति दीदी
लखपति दीदी योजना SHG महिलाओं को लक्षित करती है। 18-50 वर्ष की ग्रामीण महिलाओं को 5 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण, कौशल प्रशिक्षण और बाजार सहायता मिलती है, ताकि सालाना 1 लाख आय हो। कृषि, हस्तशिल्प, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में फ्री ट्रेनिंग दी जाती है। पात्रता – SHG सदस्य, परिवार आय बढ़ाने वाली। lakhpatididi.gov.in पर अप्लाई करें।
यह योजना महिलाओं को उद्यमी बनाकर लाखपति लक्ष्य देती है। उद्योगिनी योजना भी इसी तरह 1-3 लाख का कोलैटरल-फ्री लोन देती है। इनसे महिलाओं की भागीदारी 2026 में दोगुनी हुई है।
आवेदन और टिप्स
आवेदन के लिए आधार, वोटर आईडी, बैंक डिटेल्स लें। नजदीकी बैंक या myscheme.gov.in सर्च करें। दिल्लीवासी महिला आयोग या CSC केंद्र जाएं। चुनौतियां जैसे जागरूकता कम होना हैं, लेकिन डिजिटल पोर्टल ने इसे आसान किया। सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ लखपति दीदी बनाना है। इन योजनाओं से महिलाएं सशक्त हो रही हैं, अर्थव्यवस्था मजबूत। जल्द अप्लाई करें और बिजनेस शुरू करें!









