
होली का रंग-गुलाल भरा त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन करीब एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशहाली का असली तोहफा अभी बाकी है। महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान न होने से लाखों परिवारों की उम्मीदें टिकी हुई हैं। एक ओर जहां मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्यों ने होली से ठीक पहले अपने कर्मचारियों को सैलरी में इजाफे की सौगात दे दी, वहीं केंद्र सरकार खामोश है। पिछले ट्रेंड्स के मुताबिक, मिड-मार्च में ही यह गुड न्यूज आ सकती है।
राज्य सरकारों का जल्दबाजी तोहफा
राज्य स्तर पर DA हाइक की होली से पहले घोषणाओं ने कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया, जिससे DA अब 58 प्रतिशत हो गया। अप्रैल 2026 की सैलरी से यह लागू होगा, जबकि जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का एरियर 6 किश्तों में मिलेगा। पेंशनर्स को भी जनवरी-फरवरी 2026 से फायदा पहुंचेगा। इसी तरह महाराष्ट्र सरकार ने भी 3 प्रतिशत हाइक देकर DA को 58 प्रतिशत किया। जुलाई 2025 से प्रभावी यह बढ़ोतरी गुड़ी पड़वा (मार्च 2026) पर जुलाई-अक्टूबर का एरियर देगी, बाकी का भुगतान अलग आदेश से होगा।
केरल ने तो सबसे बड़ा सरप्राइज दिया। राज्य सरकार ने DA/DR में 10 प्रतिशत की छलांग लगाई, जो 25 से 35 प्रतिशत हो गया। यह राज्य कर्मचारियों, लोकल बॉडी स्टाफ और एडेड स्कूल-कॉलेज शिक्षकों के लिए लागू है। इन घोषणाओं से साफ है कि राज्य सरकारें फेस्टिवल सीजन में कर्मचारी वोटबैंक को खुश करने से चूकना नहीं चाहतीं। हालांकि, केंद्र का DA अभी 58 प्रतिशत पर अटका है।
केंद्र का DA: कब खुलेगा पिटारा?
7वें वेतन आयोग के तहत 31 दिसंबर 2025 को खत्म होने के बाद यह पहला DA रिविजन है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें अभी दूर हैं, इसलिए नजरें DA पर टिकी हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, जनवरी-जून 2026 के लिए 2-4 प्रतिशत की बढ़ोतरी (60 प्रतिशत तक) संभव है। यह ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) डेटा पर आधारित होगा। वित्त मंत्रालय मार्च में कैबिनेट नोट तैयार करेगा।
होली (3 मार्च) जल्दी आने से ऐलान में देरी हुई। पिछले 5 सालों का ट्रेंड देखें तो मार्च मिड-वीक में घोषणा होती रही। 2025 में 28 मार्च को आया था (होली 14 मार्च), जबकि जुलाई वाली बढ़ोतरी दिवाली से पहले। इस बार फेस्टिवल के बाद 20-30 मार्च के बीच अपेक्षा है। अगली कैबिनेट मीटिंग में चर्चा पक्की। कर्मचारी यूनियनें दबाव बना रही हैं, क्योंकि महंगाई रफ्तार पकड़ चुकी है।
DA की गणना और असर
DA बेसिक पे + डियरनेस पे पर 12 मासिक AICPI औसत से तय होता है। उदाहरणस्वरूप, 50,000 रुपये बेसिक पर 58 प्रतिशत DA से 29,000 रुपये मिलते हैं। 3 प्रतिशत हाइक से 1,500 रुपये मासिक अतिरिक्त। सालाना 18,000 रुपये का फायदा! केंद्रीय कर्मचारियों (50 लाख+) और पेंशनर्स (65 लाख+) के लिए सरकारी खजाने पर 10,000 करोड़ का बोझ पड़ेगा। राज्यों की घोषणाओं से प्रेरित केंद्र को जल्द कदम उठाना चाहिए। फिलहाल इंतजार ही एकमात्र रास्ता। मिड-मार्च तक आंखें गड़ाए रहें!









