
हवाई यात्रा करने वाले लाखों भारतीय यात्रियों के लिए DGCA ने एक बड़ी राहत वाली खबर लाई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन टिकट रिफंड और संशोधन नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किया है। अब टिकट बुकिंग के 48 घंटे के अंदर यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट कैंसल या मॉडिफाई कर सकेंगे। यह नियम 26 मार्च 2026 से लागू होगा, जो यात्रियों को यात्रा योजनाओं में लचीलापन देगा।
बदलावों की आधिकारिक घोषणा
DGCA ने 24 फरवरी 2026 को जारी सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (CAR) में ये संशोधन किए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इसकी जानकारी साझा की, बताते हुए कि यात्रियों को अब बुकिंग के बाद प्लान चेंज पर एक्स्ट्रा बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने जैसी घटनाओं से उपजी शिकायतों का नतीजा है, जब रिफंड में देरी ने यात्रियों को परेशान किया।
नए नियम यात्रियों को ‘कूल-ऑफ पीरियड’ देते हैं, जहां वे बिना पेनल्टी के फैसला बदल सकें। एयरलाइंस अब रिफंड को डिफॉल्ट क्रेडिट शेल में नहीं बदल सकेंगी; यह यात्री का अधिकार होगा। साथ ही, ट्रैवल एजेंट या थर्ड-पार्टी से बुक टिकट पर भी एयरलाइंस ही 14 कार्य दिवसों में पूरा रिफंड देंगी।
मुख्य प्रावधान: क्या बदला, कैसे फायदा?
- 48 घंटे फ्री कैंसिलेशन: एयरलाइन वेबसाइट से बुकिंग पर 48 घंटे में कैंसल या चेंज फ्री। नाम में त्रुटि सुधार 24 घंटे में बिना चार्ज।
- रिफंड टाइमलाइन: सभी रिफंड 14 वर्किंग डेज में, चाहे एजेंट से बुक हो। क्रेडिट कार्ड पर 7 दिन या कैश में तुरंत।
- मेडिकल इमरजेंसी: स्वास्थ्य कारणों से कैंसल पर विशेष छूट, हालांकि डिटेल्स स्पष्ट।
ये नियम केवल एयरलाइन की ऑफिशियल वेबसाइट से बुकिंग पर लागू। थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म्स इससे बाहर। अगर उड़ान घरेलू के लिए 7 दिन या इंटरनेशनल के लिए 15 दिन के अंदर है, तो फ्री विंडो लागू नहीं। 48 घंटे बाद एयरलाइन के सामान्य चार्ज लगेंगे।
अपवाद और सीमाएं
नियम में साफ शर्तें हैं। अगर बुकिंग ट्रैवल एजेंसी से हुई, तो फ्री कैंसिलेशन नहीं मिलेगा, लेकिन रिफंड एयरलाइन की जिम्मेदारी। कैंसिलेशन फीस बेस फेयर + फ्यूल सरचार्ज से ज्यादा नहीं हो सकती। विशेषज्ञ चेताते हैं कि यात्री बुकिंग के समय शर्तें पढ़ें, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदियां सख्त हैं।
यात्रियों और एयरलाइंस पर प्रभाव
यात्रियों को अब आखिरी मिनट प्लानिंग में डर नहीं। खासकर बिजनेस ट्रैवलर्स, फैमिली ट्रिप्स या इमरजेंसी में फायदा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे एयरलाइंस पर नो-शो कम होंगे, लेकिन बुकिंग बढ़ सकती है। इंडिगो, स्पाइसजेट जैसी कंपनियां पहले ही शिकायतों से जूझ रही थीं। यह कदम उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करता है, वैश्विक मानकों (जैसे यूएस का 24-घंटे रूल) से प्रेरित।
DGCA चेयरमैन ने कहा, “ये बदलाव पारदर्शिता बढ़ाएंगे।” पिछले साल 2025 में रिफंड शिकायतें 30% बढ़ी थीं। अब उम्मीद है कि ग्राहक संतुष्टि सुधरेगी।
यात्रियों के लिए स्वर्णिम अवसर
DGCA का यह फैसला हवाई यात्रा को और उपभोक्ता-अनुकूल बनाता है। यात्री ऐप्स चेक कर बुकिंग करें और नियम फॉलो करें। इससे न सिर्फ पैसे बचेंगे, बल्कि यात्रा अनुभव बेहतर होगा।









