
हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। 1 मार्च 2026 को सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसीज) जैसे इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने ताजा दरें जारी कीं, जो ज्यादातर शहरों में स्थिर रहीं। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर बना रहा, जबकि मुंबई में पेट्रोल में मामूली गिरावट आई।
प्रमुख शहरों में आज के रेट्स
देशभर में ईंधन कीमतें स्थिर बनीं, जो पिछले दो साल से चली आ रही ट्रेंड को दर्शाती हैं। नई दिल्ली में कोई बदलाव नहीं, लेकिन गुड़गांव जैसे इलाकों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई।
- दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77 (0), डीजल ₹87.67 (0)
- मुंबई: पेट्रोल ₹103.50 (-0.04), डीजल ₹90.03 (0)
- कोलकाता: पेट्रोल ₹105.41 (0), डीजल ₹92.02 (0)
- चेन्नई: पेट्रोल ₹100.93 (0), डीजल ₹92.48 (0)
- बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 (0), डीजल ₹90.99 (0)
- अहमदाबाद: पेट्रोल ₹94.49, डीजल ₹90.17
- हैदराबाद: पेट्रोल ₹107.46, डीजल ₹95.70
ये दरें डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत रोज अपडेट होती हैं, जो जून 2017 से लागू है।
स्थिरता के पीछे क्या राज?
मई 2022 के बाद केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की, जबकि कई राज्यों ने वैट घटाया, जिससे कीमतें स्थिर हो गईं। पिछले 12 महीनों से डीजल रेट्स लगभग अपरिवर्तित हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत आज ₹6,102 प्रति बैरल रही, जो मामूली गिरावट के साथ स्थिर है। डॉलर के मुकाबले रुपया 91.15 पर टिका, जो 0.21% ऊपर है।
ओपेक+ की कटौती और जियोपॉलिटिकल टेंशन के बावजूद वैश्विक सप्लाई चेन मजबूत बनी। भारत जैसे आयातक देश के लिए यह राहत है, क्योंकि 85% कच्चा तेल विदेश से आता है।
कीमतें तय करने वाले प्रमुख कारक
ईंधन मूल्य चार मुख्य फैक्टर्स पर निर्भर: कच्चा तेल (50-60% हिस्सा), एक्सचेंज रेट, टैक्स (केंद्र का एक्साइज 40%, राज्य का वैट 20-30%) और रिफाइनिंग कॉस्ट। कमजोर रुपया या ब्रेंट क्रूड ऊपर जाने पर दबाव बढ़ता है। त्योहारों या समर में डिमांड बढ़ने से भी असर पड़ता।
उपभोक्ताओं के लिए टिप्स
घर से निकलने से पहले SMS से चेक करें: IOC के लिए RSP <कोड> 9224992249 पर। ऐप्स जैसे MyPetrolPump या वेबसाइट्स (iocl.com) इस्तेमाल करें। इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी वाले स्कीम्स अपनाएं। स्थिर दरें महंगाई पर काबू रखने में मददगार, लेकिन बजट 2026 में टैक्स बदलाव संभव। निवेशक कच्चे तेल ट्रेंड पर नजर रखें।









