
भारत सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से देशव्यापी फ्री HPV टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया, जिसका लक्ष्य हर साल लगभग 1.15 करोड़ 14 वर्षीय बेटियों को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से बचाना है। यह अभियान न केवल कैंसर जैसी घातक बीमारी की रोकथाम करेगा, बल्कि ‘रोकथाम ही सर्वोत्तम उपचार’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करेगा।
अभियान का शुभारंभ और टीके की विशेषताएं
इस विशेष अभियान के तहत गार्डासिल-4 (Gardasil-4) नामक चतुर्विकल्पीय टीका मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। यह टीका HPV के प्रकार 6, 11, 16 और 18 से सुरक्षा प्रदान करता है, जो सर्वाइकल कैंसर के 90% मामलों का कारण हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, किशोरावस्था में लगाया गया यह सिंगल डोज टीका शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, क्योंकि इस उम्र में वायरस के संपर्क में आने का खतरा कम होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इसे पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी घोषित किया है।
अभियान की मुख्य विशेषताएं और पात्रता
अभियान पूरी तरह स्वैच्छिक है और अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है। पात्रता सीमा 14 वर्ष की लड़कियां हैं, जिन्हें सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में टीका लगाया जाएगा। इन केंद्रों पर कोल्ड चेन व्यवस्था और प्रतिकूल प्रभाव (AEFI) प्रबंधन के लिए चिकित्सा अधिकारी तैनात रहेंगे।
डिजिटल पंजीकरण और विस्तार योजना
U-WIN डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्री-रजिस्ट्रेशन संभव है, जो टीकाकरण की निगरानी सुनिश्चित करेगा। पहले तीन महीनों में विशेष सत्र चलेंगे, उसके बाद नियमित टीकाकरण दिवसों पर उपलब्ध रहेगा। सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश वर्चुअल रूप से अजमेर कार्यक्रम से जुड़े, जहां उनके मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे।
सर्वाइकल कैंसर: भारत के लिए खतरा और रोकथाम
भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है, जो सालाना लाखों जिंदगियां छीन लेता है। इसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण है, जो यौन संपर्क से फैलता है। शोध बताते हैं कि HPV टाइप 16 और 18 अकेले 83% मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। बिना रोकथाम के, यह त्वचा की कोशिकाओं को अनियंत्रित बढ़ाता है, जिससे कैंसर विकसित होता है।
टीके के लाभ और वैश्विक लक्ष्य
टीका लगवाने से 90% तक जोखिम कम हो जाता है, साथ ही योनि, गुदा, गले के कैंसर और जननांग मस्सों से भी बचाव होता है। WHO के 2030 लक्ष्य- 90% टीकाकरण, 70% जांच और 90% उपचार- की दिशा में यह अभियान मील का पत्थर है। राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) और केंद्रीय बजट 2024 की सिफारिशों पर आधारित यह कार्यक्रम भारत को कैंसर-मुक्त बनाने की ओर ले जाएगा।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
अभिभावक आसानी से U-WIN पोर्टल (uwin.health.gov.in) पर रजिस्टर कर सकते हैं। प्रक्रिया सरल है:
- पोर्टल पर मोबाइल नंबर से OTP सत्यापन करें।
- बच्ची का नाम, उम्र, जन्मतिथि, पता और आधार नंबर दर्ज करें।
- नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र चुनें और स्लॉट बुक करें।
- SMS अलर्ट मिलेगा, जिसमें टीकाकरण विवरण होगा।
आवश्यक दस्तावेज और सावधानियां
आवश्यक दस्तावेज:
- बच्ची का आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र।
- अभिभावक का आधार/वोटर आईडी।
- सहमति फॉर्म (केंद्र पर उपलब्ध)।
बिना रजिस्ट्रेशन के भी केंद्र जाकर टीका लगवा सकते हैं। कोई गंभीर साइड इफेक्ट्स दुर्लभ हैं; हल्का बुखार या सूजन सामान्य है। डॉक्टर से सलाह लें।
भविष्य की उम्मीदें और अपील
यह अभियान सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) का हिस्सा बनकर लंबे समय तक चलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “बेटियां हमारा भविष्य हैं, उनकी सुरक्षा ही राष्ट्र की प्रगति है।” विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लाखों जिंदगियां बचेंगी। अभिभावकों से अपील है – जल्द पंजीकरण कराएं, देरी न करें। अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट या हेल्पलाइन 1075 पर संपर्क करें।









