Tags

रेलवे का बड़ा तोहफा! अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले भी बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन, जानें नया नियम

भारतीय रेलवे अब ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा देगा। रेलवे बोर्ड ने CRIS को पत्र लिखा है। वर्तमान में केवल 4 घंटे पहले तक संभव था। यह बदलाव यात्रियों को लास्ट मिनट फ्लेक्सिबिलिटी देगा, टिकट कैंसिलेशन रोकेगा। पूर्वोत्तर रेलवे समेत सभी जोनों में चरणबद्ध लागू होगा।

By Pinki Negi

रेलवे का बड़ा तोहफा! अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले भी बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन, जानें नया नियम

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब ट्रेन छूटने के आधे घंटे या अंतिम आरक्षण चार्ट बनने तक यात्री अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। यह नई व्यवस्था पूर्वोत्तर रेलवे समेत पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में जल्द लागू होने वाली है। रेलवे बोर्ड ने इसकी तकनीकी व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए CRIS (Centre for Railway Information Systems) को निर्देश जारी कर दिए हैं।

रेलवे बोर्ड का पत्र

रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग-द्वितीय) संजय मनोचा ने हाल ही में CRIS को पत्र लिखा है, जिसमें बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियमों में ढील देने का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में यात्री केवल प्रथम आरक्षण चार्ट बनने तक, यानी ट्रेन रवाना होने से 4 घंटे पहले ही बोर्डिंग पॉइंट बदल सकते हैं। लेकिन नए प्रस्ताव के तहत यह सुविधा दूसरे चार्ट तैयार होने तक उपलब्ध होगी, जो सामान्य ट्रेनों में ट्रेन छूटने से लगभग 30 मिनट पहले और प्रीमियम ट्रेनों में 15 मिनट पहले होगा।

यात्रियों के लिए वरदान

यह बदलाव यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करते हैं। अक्सर लंबी दूरी की ट्रेनों का पहला आरक्षण चार्ट सफर शुरू होने से 8 से 18 घंटे पहले ही तैयार हो जाता है। ऐसे में अंतिम समय में यात्रा योजनाओं में बदलाव आने पर यात्री बोर्डिंग स्टेशन नहीं बदल पाते। नतीजा? या तो टिकट कैंसिल करना पड़ता है या फिर असुविधा सहनी पड़ती है। रेलवे बोर्ड ने इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए यह कदम उठाया है। बोर्ड का मानना है कि इससे टिकट कैंसिलेशन की दर कम होगी और राजस्व को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा।

नई प्रक्रिया

प्रस्ताव के अनुसार, बदलाव IRCTC की वेबसाइट या ऐप के माध्यम से पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। यात्री लॉगिन करने के बाद बुक टिकट चुनकर ‘Change Boarding Station’ विकल्प का इस्तेमाल कर नया स्टेशन सिलेक्ट कर सकेंगे, बशर्ते वह उसी रूट पर हो। कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। शुरुआत में यह सुविधा प्रमुख ट्रेनों पर लागू होगी, फिर धीरे-धीरे सभी ट्रेनों तक विस्तारित की जाएगी। CRIS को पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह तकनीकी व्यवहार्यता की जांच कर सुझाव दे, ताकि जल्द से जल्द अंतिम निर्णय लिया जा सके।

प्रमुख फायदे

  • लास्ट मिनट फ्लेक्सिबिलिटी: कार्यालयी काम, पारिवारिक कारणों या ट्रैफिक जाम जैसे हालात में बोर्डिंग स्टेशन बदलना आसान हो जाएगा।
  • टिकट वेस्टेज रुकेगा: कैंसिलेशन चार्ज से बचत होगी, खासकर वेटिंग टिकट होने पर।
  • सफर सुविधाजनक: दिल्ली-मुंबई या कोलकाता-चेन्नई जैसी व्यस्थ रूट्स पर यह राहत लाखों यात्रियों को मिलेगी।
  • डिजिटल इंडिया को बढ़ावा: IRCTC प्लेटफॉर्म पर निर्भरता बढ़ेगी।

व्यावहारिक उदाहरण

उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए कोई यात्री दिल्ली से मुंबई जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस का टिकट बुक करता है, लेकिन अंतिम समय में नई दिल्ली स्टेशन से चढ़ना बेहतर लगे। पहले चार्ट के बाद यह संभव नहीं था, लेकिन नई व्यवस्था से 30 मिनट पहले तक बदलाव हो सकेगा। पूर्वोत्तर रेलवे जैसे जोन में, जहां गोरखपुर, प्रयागराज जैसे स्टेशनों पर भीड़ रहती है, यह सुविधा खासतौर पर उपयोगी साबित होगी।

वर्तमान नियम

फिलहाल बोर्डिंग स्टेशन बदलाव केवल प्रथम चार्ट तक सीमित है। चार्ट आमतौर पर ट्रेन रवाना होने से 4 घंटे पहले तैयार होता है। रेलवे ने हाल में चार्ट तैयार करने का समय घटाकर 4 घंटे किया था, जिससे यात्रियों को वेटलिस्ट क्लियरेंस का बेहतर मौका मिला। लेकिन बोर्डिंग बदलाव में यह ढील नहीं थी। अब दूसरे चार्ट (ट्रेन डिपार्चर से ठीक पहले) तक अनुमति देने से सिस्टम अधिक यथार्थवादी बनेगा। रेलवे बोर्ड ने पत्र में CRIS से व्यवहार्यता रिपोर्ट मांगी है, जिसमें तकनीकी चुनौतियां जैसे सर्वर लोड, डेटा सिक्योरिटी और रीयल-टाइम अपडेट शामिल हैं।

रेलवे की अन्य पहलें

यह कदम रेलवे के डिजिटलीकरण अभियान का हिस्सा है। पिछले साल IRCTC ने वेटिंग टिकट पर PNR प्रेडिक्शन और तेज रिफंड जैसी सुविधाएं जोड़ीं। बोर्डिंग बदलाव इससे अगला बड़ा कदम है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि व्यस्त ट्रेनों में पहले आओ-पहले पाओ से विवाद हो सकते हैं, इसलिए रेलवे को सख्त मॉनिटरिंग करनी होगी।

रेलवे लगातार सुधार कर रहा है। हाल में अवैध वेंडर्स पर GRP की मदद से कार्रवाई शुरू की गई है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 500 से ज्यादा स्टेशन आधुनिक हो रहे हैं। इस नए नियम से यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें