
फरवरी खत्म होते ही मार्च से गर्मी का असर दिखने लगेगा और घरों के साथ-साथ गाड़ियों में भी AC का इस्तेमाल बढ़ जाएगा। जहाँ घर का AC बिजली बिल बढ़ाता है, वहीं कार का AC सीधे पेट्रोल-डीजल की खपत पर असर डालता है। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर एक घंटे तक लगातार कार का AC चलाने पर कितना तेल खर्च होता है। क्या कार के AC को चलाने की लागत घर के AC के मुकाबले ज्यादा पड़ती है? इस गणित को समझना आपकी जेब और गाड़ी की माइलेज दोनों के लिए बहुत जरूरी है।
कार का एसी और पेट्रोल की खपत
अगर आप एक पावरफुल एसयूवी या बड़े इंजन वाली कार में एक घंटे तक लगातार एसी चलाते हैं, तो यह लगभग 0.5 से 0.7 लीटर पेट्रोल की खपत कर सकती है। वहीं, छोटी हैचबैक या सेडान कारें इसी दौरान करीब 0.2 से 0.4 लीटर तेल खर्च करती हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि खड़ी गाड़ी में एसी चलाने पर इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे पेट्रोल की खपत बढ़ जाती है, जबकि चलती हुई गाड़ी में यह तुलनात्मक रूप से कम होती है। असल में कार का एसी सीधे इंजन से पावर लेता है, इसीलिए एसी ऑन होते ही ईंधन की खपत में उछाल देखने को मिलता है।
1 घंटे में कितनी यूनिट खर्च करता है आपका एयर कंडीशनर
एक सामान्य 1.5 टन का AC औसतन एक घंटे में 1.2 से 1.7 यूनिट बिजली की खपत करता है। हालांकि, यह खर्च आपकी AC की स्टार रेटिंग पर निर्भर करता है। अगर आपके पास 5-स्टार रेटिंग वाला इन्वर्टर AC है, तो वह कम बिजली (लगभग 1.2-1.3 यूनिट) खर्च करेगा। वहीं, 3-स्टार वाला AC एक घंटे में लगभग 1.5 से 1.7 यूनिट तक बिजली ले सकता है। साफ है कि बेहतर स्टार रेटिंग वाला AC न सिर्फ ठंडी हवा देता है, बल्कि आपके बिजली के बिल को भी काबू में रखने में मदद करता है।
कार AC बनाम घर का AC
अगर हम ईंधन और बिजली की कीमतों की तुलना करें, तो कार का AC चलाना घर के AC के मुकाबले काफी महंगा पड़ता है। मान लीजिए पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर है, तो एक बड़ी कार का AC एक घंटे में लगभग ₹50 से ₹70 का तेल पी जाता है। इसके विपरीत, यदि बिजली की दर ₹10 प्रति यूनिट भी हो, तो घर का AC एक घंटे में अधिकतम ₹20 की बिजली खर्च करता है। इस गणित से साफ है कि घर में बैठकर ठंडक का आनंद लेना, कार के AC में बैठने की तुलना में काफी सस्ता और किफायती है।









