
भारत में जमीन खरीद-बिक्री के दौरान एकड़ और बीघा की गणना भ्रम पैदा करती है। बीघा पारंपरिक इकाई होने से राज्यवार अलग-अलग होती है, जिससे किसान, रियल एस्टेट डीलर और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी कन्फ्यूज हो जाते हैं। 1 एकड़ = 43,560 वर्ग फुट स्थिर है, लेकिन बीघा का आकार बदलता रहता है। यहाँ यूपी, बिहार, पंजाब, राजस्थान समेत प्रमुख राज्यों के सटीक अनुपात दिए गए हैं।
बीघा का ऐतिहासिक महत्व
प्राचीन काल से बीघा ‘योजन बीघा’ या बैल की जोड़ी से मापा जाता रहा। ब्रिटिश काल में मानकीकृत हुआ, लेकिन स्वतंत्र भारत में भी कोई राष्ट्रीय मानक नहीं। उत्तर भारत में ‘पक्का बीघा’ (3025 वर्ग गज) और ‘कच्चा बीघा’ प्रचलित। प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, UPSC, राज्य PCS) में यह सवाल ट्रिकी होता है। गलत अनुमान से लाखों का नुकसान हो सकता है।
राज्यवार एकड़ से बीघा रूपांतरण
यहाँ सत्यापित दरें हैं, जो स्थानीय रजिस्ट्री पर आधारित:
फॉर्मूला: बीघा = एकड़ × स्थानीय गुणक। उदाहरण: यूपी में 2 एकड़ = 2 × 6.05 = 12.1 बीघा। हमेशा ‘बीस बीघा’ या ‘ढाई बीघा’ जैसे स्थानीय उपनाम जांचें।
गणना के टिप्स व सावधानियां
ऑनलाइन कन्वर्टर (Housing.com, Bajaj Finserv) इस्तेमाल करें, लेकिन स्थानीय तहसील से पुष्टि जरूरी। 1 बीघा यूपी = 27,000 वर्ग फुट, जबकि बिहार में 25,000। रियल एस्टेट घोटालों में गलत नाप से विवाद बढ़ते हैं। किसान भाई 2026 में डिजिटल लैंड रिकॉर्ड (UP Bhulekh, Bihar Bhumi Portal) चेक करें। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए: यूपी=6, बिहार=6.5 याद रखें।
मध्य प्रदेश में 3.63 बीघा मानक है, लेकिन आदिवासी क्षेत्रों में भिन्न। पंजाब में 1 कनाल=5449 वर्ग फुट से 8 कनाल=1 एकड़। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में ‘गांव बीघा’ अलग। हमेशा खतौनी/खसरा नंबर से सत्यापित करें।
क्यों महत्वपूर्ण है सही नाप?
2026 में जमीन दाम आसमान छू रहे। गलत कन्वर्जन से करोड़ों का चूना लग सकता। सरकारें डिजिटल सर्वे (DigiMap UP) ला रही, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी प्रथा चलती है। किसान क्रेडिट कार्ड, सब्सिडी योजनाओं में सटीक नाप जरूरी। अगली खरीद से पहले स्थानीय LEAs (लैंड एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) से दरें लें।









