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UPI New Rules: Google Pay, PhonePe और Paytm यूजर्स ध्यान दें! नए रजिस्ट्रेशन पर ₹5000 की लिमिट और बैलेंस चेक करने के बदले नियम; आज ही जानें।

फरवरी 2026 से UPI में बड़े बदलाव! Google Pay, PhonePe, Paytm यूजर्स के लिए ट्रांजेक्शन 10 सेकंड में पूरे होंगे, निष्क्रिय ID ब्लॉक, फेल पेमेंट घंटों में सुलझेंगे। नए यूजर्स को 24 घंटे ₹5,000 लिमिट। सुरक्षा मजबूत, स्पीड दोगुनी- RBI/NPCI के नए नियम डिजिटल पेमेंट को ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाएंगे। तुरंत ऐप अपडेट करें!

By Pinki Negi

upi payment rules have changed affecting users of google pay phonepe and paytm

यदि आप भी BHIM, Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे UPI ऐप्स से रोजाना पेमेंट करते हैं, तो फरवरी 2026 से लागू हो चुके नए नियम आपके डिजिटल वॉलेट को पूरी तरह बदल देंगे। RBI और NPCI ने इन बदलावों को लागू किया है ताकि भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बने। भारत में UPI ट्रांजेक्शन रोजाना 20 करोड़ से ज्यादा हो चुके हैं, ऐसे में ये नियम हाई-ट्रैफिक समय में भी सुगमता सुनिश्चित करेंगे।

ट्रांजेक्शन स्पीड में क्रांति

पिछले साल से चली आ रही चुनौतियों जैसे पेमेंट अटकना, फ्रॉड और देरी को दूर करने के लिए ये अपडेट्स जरूरी थे। फरवरी से UPI ट्रांजेक्शन और API रिस्पॉन्स अधिकतम 10 सेकंड में पूरे होने चाहिए, जो पहले 30 सेकंड था। API यानी एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस, वही सिस्टम जो ऐप को बैंक से बैलेंस चेक कर भुगतान कन्फर्म करता है।

इससे पीक ऑवर्स जैसे महीने के आखिर या सेल्स में पेमेंट फंसने की समस्या 50% तक कम हो जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव यूजर्स को रीयल-टाइम एक्सपीरियंस देगा।

सुरक्षा उपायों में सख्ती

सुरक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस है। हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन (₹1 लाख से ऊपर) के लिए एक्स्ट्रा वेरिफिकेशन जरूरी होगा, जैसे स्पष्ट कन्फर्मेशन प्रॉम्प्ट। गलती से बड़े पेमेंट न हों, इसके लिए ऐप्स में पॉप-अप अनिवार्य हैं। रिकरिंग पेमेंट्स जैसे ऑटो-डेबिट या सब्सक्रिप्शन को कैंसल करना आसान बनेगा, साथ ही मंडेटरी नोटिफिकेशन मिलेंगे। KYC स्ट्रिक्ट हो गया है – इनकम्पलीट KYC वाले अकाउंट्स पर लिमिट लगेगी या सर्विस सस्पेंड हो सकती है।

निष्क्रिय ID पर कार्रवाई

निष्क्रिय UPI ID पर सख्ती बरती गई है। अगर कोई ID एक साल से इस्तेमाल नहीं हुई, तो उसे डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा। दोबारा एक्टिवेट करने के लिए री-वेरिफिकेशन जरूरी। NPCI के निर्देश पर GPay, PhonePe जैसी ऐप्स ने दिसंबर 2025 तक लाखों ऐसी ID बंद कीं। इससे डॉर्मेंट अकाउंट्स से फ्रॉड रुकेगा। नए यूजर्स को पहले 24 घंटे ₹5,000 की लिमिट रहेगी, जो एंटी-फ्रॉड मेजर है।

फेल ट्रांजेक्शन का तेज समाधान

फेल ट्रांजेक्शन अब घंटों में सुलझेंगे। पहले मैनुअल कंप्लेंट करनी पड़ती थी, अब ऑटो-रिवर्सल तेज होगा और ऐप में रीयल-टाइम स्टेटस दिखेगा। कलेक्ट रिक्वेस्ट पर भी सीमा लगेगी- स्पैम रोकने के लिए डेली लिमिट और ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट्स को प्राथमिकता। रिस्क थ्रेशोल्ड पार होने पर (10 ट्रांजेक्शन या ₹1 लाख) अलर्ट आएगा, जो 24 घंटे में फिक्स हो जाएगा।

ट्रांजेक्शन लिमिट्स की तुलना

ट्रांजेक्शन लिमिट्स में भी बदलाव हैं:

कैटेगरीप्रति ट्रांजेक्शनदैनिक लिमिट
सामान्य P2P₹1 लाख₹1 लाख 
मेडिकल/एजुकेशन₹5 लाख₹10 लाख 
नए यूजर्स (24 घंटे)₹5,000– 
क्रेडिट कार्ड₹5 लाख₹6 लाख 

ये नियम मर्चेंट्स को भी फायदा देंगे – GST QR थ्रेशोल्ड्स क्लियर होंगे। यूजर्स को सलाह है: ऐप अपडेट रखें, KYC कंपलीट करें, अनजान कलेक्ट अप्रूव न करें। फ्रॉड से बचने के लिए OTP शेयर न करें। NPCI के अनुसार, ये बदलाव UPI को ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाएंगे। अधिक जानकारी के लिए NPCI वेबसाइट चेक करें। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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