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EPFO Update: प्राइवेट नौकरी वालों के लिए बुरी खबर! कम हो सकती है PF की ब्याज दरें, सरकार जल्द करेगी बड़ा ऐलान।

EPFO FY26 के लिए PF ब्याज 8.25% से घटाकर 8-8.2% कर सकता है। फरवरी FIAC, मार्च CBT मीटिंग में फैसला। नई सदस्यता और पेआउट दबाव मुख्य कारण। वेतन सीमा ₹25,000 पर चर्चा। epfindia.gov.in पर नजर रखें, रिटायरमेंट सेविंग्स प्रभावित!

By Pinki Negi

EPFO Update: प्राइवेट नौकरी वालों के लिए बुरी खबर! कम हो सकती है PF की ब्याज दरें, सरकार जल्द करेगी बड़ा ऐलान।

प्राइवेट सेक्टर के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2025-26 के लिए PF पर ब्याज दरों में कटौती की तैयारी कर रहा है। वर्तमान 8.25% से घटाकर 8-8.2% के बीच तय करने पर विचार हो रहा है। फरवरी अंत में फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट एंड ऑडिट कमेटी (FIAC) बैठक के बाद मार्च के पहले हफ्ते सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की 239वीं मीटिंग में अंतिम फैसला होगा। वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद श्रम मंत्रालय इसे अधिसूचित करेगा।

कटौती की मुख्य वजहें

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से EPFO में नई सदस्यता बढ़ी है, जिससे पेआउट का दबाव है। कोष को स्थिर रखने के लिए बफर बनाए रखना जरूरी। वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जो सुप्रीम कोर्ट के जनवरी निर्देश पर आधारित। 2014 से अपरिवर्तित यह सीमा महंगाई के कारण कई कर्मचारियों को कवरेज से बाहर कर रही। बढ़ी सदस्यता से निवेश रिटर्न पर दबाव पड़ेगा।

समयरेखा और प्रक्रिया

FIAC फरवरी के आखिर में निवेश रिटर्न के आधार पर दर सुझाएगी। CBT मार्च में इसे मंजूर करेगा। राजनीतिक कारणों से- जैसे आगामी राज्य चुनाव- दरें तीसरे साल अपरिवर्तित रखने की संभावना भी। वित्त मंत्रालय अंतिम स्वीकृति देगा। फिर खातों में ब्याज क्रेडिट होगा। UMANG ऐप या epfindia.gov.in पर पासबुक चेक करें। CBT एजेंडा अभी अंतिम नहीं।

ऐतिहासिक दरें और प्रभाव

FY24-25 में 8.25% दर घोषित। पहले: FY23-24 में 8.15%, FY21-22 में 8.10%। मासिक चक्रवृद्धि ब्याज टैक्स-फ्री। कटौती से रिटायरमेंट सेविंग्स पर मामूली असर, लेकिन लंबे समय में लाखों का फर्क। प्राइवेट कर्मचारी प्रभावित सबसे ज्यादा। उदाहरण: ₹5 लाख बैलेंस पर 0.25% कट से सालाना ₹1,250 कम।

वेतन सीमा विवाद

सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने में सीमा बढ़ाने को कहा, क्योंकि महंगाई से निम्न-मध्यम वेतन वाले बाहर। ₹25,000 प्रस्ताव से ज्यादा योगदान, लेकिन EPFO बोझ संभालेगा। ट्रेड यूनियन इसका समर्थन कर रही।​ विशेषज्ञ सलाह: NPS या म्यूचुअल फंड में डायवर्सिफाई करें। EPFO की वेबसाइट पर नजर रखें। यह बदलाव कोष की स्थिरता के लिए जरूरी, लेकिन कर्मचारियों को सतर्क रहना होगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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