
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘बेटी है अनमोल योजना’ राज्य की बालिकाओं के जीवन में एक बड़ा बदलाव ला रही है। यह योजना न केवल एक आर्थिक सहायता है, बल्कि यह बेटियों के प्रति समाज की सोच बदलने का एक सशक्त माध्यम बन गई है। आइए जानते हैं इस योजना का पूरा विवरण और यह कैसे काम करती है।
अनमोल योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य लिंगानुपात (Sex Ratio) में सुधार करना और कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराइयों को रोकना है। सरकार चाहती है कि गरीब परिवारों में बेटी का जन्म बोझ न समझा जाए, बल्कि उसे एक उत्सव की तरह मनाया जाए। इसके साथ ही, बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना इस योजना का केंद्र बिंदु है।
जन्म के समय मिलने वाला लाभ
जब किसी गरीब (BPL) परिवार में बेटी का जन्म होता है, तो हिमाचल सरकार अपनी ओर से 21,000 रुपये की राशि निवेश करती है। यह राशि सीधे बैंक या डाकघर के खाते में जमा की जाती है। इस रकम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब बेटी 18 साल की हो जाती है, तब वह इस जमा राशि को ब्याज सहित निकाल सकती है, जो उसकी शादी या करियर की शुरुआत में बहुत काम आती है।
कक्षा के अनुसार मिलने वाली छात्रवृत्ति
योजना के तहत पढ़ाई के हर स्तर पर अलग-अलग आर्थिक मदद दी जाती है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
- प्राथमिक स्कूल: कक्षा 1 से 3 तक ₹450 और कक्षा 4 में ₹750 तथा 5वीं में ₹900 सालाना।
- मिडल स्कूल: कक्षा 6 और 7 के लिए ₹1,050 और 8वीं कक्षा के लिए ₹1,200 सालाना।
- हाई स्कूल: कक्षा 9वीं और 10वीं की पढ़ाई के लिए ₹1,500 हर साल दिए जाते हैं।
- सीनियर सेकेंडरी: 11वीं और 12वीं कक्षा की छात्राओं को ₹2,250 सालाना की मदद मिलती है।
कॉलेज की उच्च शिक्षा के लिए मदद
अक्सर देखा गया है कि आर्थिक तंगी के कारण बेटियाँ स्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं। इसे रोकने के लिए सरकार कॉलेज स्तर पर भी बड़ी मदद देती है। यदि बेटी स्नातक (BA, B.Com, B.Sc) या प्रोफेशनल कोर्स (जैसे MBBS, B.Tech) करती है, तो उसे सरकार द्वारा प्रति वर्ष 5,000 रुपये की विशेष छात्रवृत्ति दी जाती है। यह राशि सीधे छात्रा के खाते में भेजी जाती है।
लाभ पाने के लिए ज़रूरी शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
- निवास: बच्ची और उसका परिवार हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आय सीमा: परिवार ‘गरीबी रेखा से नीचे’ (BPL) की श्रेणी में पंजीकृत होना चाहिए।
- आयु सीमा: यह लाभ केवल उन बेटियों को मिलता है जिनका जन्म 5 जुलाई 2010 के बाद हुआ है।
- विवाह: योजना की शर्त है कि लड़की की शादी 18 वर्ष की आयु से पहले नहीं होनी चाहिए।
आवेदन करने का सही तरीका
योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को काफी पारदर्शी रखा गया है। पात्र लाभार्थी ‘हिमाचल ई-डिस्ट्रिक्ट’ पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से भी फॉर्म भरे जा सकते हैं। छात्रवृत्ति के लिए छात्रा को अपने स्कूल के हेडमास्टर या प्रिंसिपल से संपर्क करना होता है, जो आगे की प्रक्रिया पूरी करते हैं।









