
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर हलचल तेज हो गई है। हालांकि सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन महंगाई भत्ते (DA) के आंकड़ों ने एक उम्मीद जगा दी है। माना जा रहा है कि नए वेतन आयोग के लागू होने पर फिटमेंट फैक्टर कम से कम 1.60 रहेगा, जिससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी होगी। जानकारों का कहना है कि महंगाई की स्थिति को देखते हुए यह आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है, जो सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की बात होगी।
सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी
महंगाई के ताजा आंकड़ों ने सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर दी है। दिसंबर 2025 के सूचकांक को देखते हुए अब जनवरी से जून 2026 के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी पक्की मानी जा रही है। इस इजाफे के बाद कुल DA 60% तक पहुँच जाएगा, जिसे मार्च 2026 में कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। हालांकि 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक एलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन एक्सपर्ट्स इस बढ़त को नए वेतन आयोग के दौर की पहली बड़ी शुरुआत मान रहे हैं, जिससे भविष्य में फिटमेंट फैक्टर और सैलरी में बड़ी वृद्धि का रास्ता साफ होगा।
फिटमेंट फैक्टर और DA का गणित
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने का सीधा संबंध फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते (DA) से होता है। 7वें वेतन आयोग के पिछले 10 वर्षों में DA बढ़कर अब 60% तक पहुँच गया है। इसका सरल मतलब यह है कि अगर किसी की बेसिक सैलरी 100 रुपये थी, तो महंगाई के कारण वह आज 160 रुपये के बराबर हो चुकी है। इसी आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कम से कम 1.60 होना अनिवार्य है। अगर सरकार इससे कम फैक्टर रखती है, तो इसका मतलब होगा कि कर्मचारियों को पिछले सालों की महंगाई के मुकाबले भी पूरा लाभ नहीं मिला।
फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी की संभावना
1.60 का अंक केवल एक शुरुआती आधार है, इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए। गणितीय नजरिए से यह सबसे कम तय की गई सीमा है, लेकिन कई ऐसे प्रशासनिक और आर्थिक कारण हैं जिनकी वजह से अंतिम फिटमेंट फैक्टर इससे काफी अधिक बढ़ सकता है।
रुके हुए डीए (DA) और फिटमेंट फैक्टर की मांग
कोविड महामारी के समय सरकार ने 18 महीनों तक महंगाई भत्ते (DA) की तीन किश्तों पर रोक लगा दी थी, जिसका बकाया पैसा कर्मचारियों को बाद में भी नहीं मिला। जानकारों का मानना है कि अगर वह पैसा समय पर मिलता, तो आज महंगाई भत्ता 60% के आंकड़े को पार कर चुका होता। यही कारण है कि अब कर्मचारी संगठन पुरानी भरपाई के लिए सरकार से ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।
8वें वेतन आयोग में देरी और DA का गणित
8वें वेतन आयोग को जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है, लेकिन इसकी सिफारिशों को पूरी तरह लागू होने में अभी समय लग सकता है। पुराने अनुभवों को देखें तो रिपोर्ट बनने और लागू होने में करीब 2 साल का वक्त लगता है, और इस दौरान महंगाई भत्ता (DA) बढ़ता रहता है। उम्मीद है कि 2026 तक DA का आंकड़ा 80% से 90% तक पहुँच जाएगा, जिससे फिटमेंट फैक्टर 1.8 या 1.9 होने की प्रबल संभावना है और यह 2 के स्तर को भी छू सकता है।
छठे वेतन आयोग की प्रमुख विशेषताएं
- बड़ा बदलाव: छठे वेतन आयोग ने केवल सैलरी नहीं बढ़ाई, बल्कि पूरे वेतन ढांचे (Salary Structure) का कायाकल्प कर दिया था।
- फिटमेंट फैक्टर: इस दौरान 1.92 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था।
- न्यूनतम वेतन में वृद्धि: कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹3,200 से बढ़कर ₹7,440 हो गई थी।
- अधिकतम वेतन में उछाल: अधिकतम बेसिक सैलरी ₹30,000 से सीधे ₹90,000 के स्तर पर पहुँच गई थी।
7वें वेतन आयोग की मुख्य उपलब्धियां
- रिकॉर्ड फिटमेंट फैक्टर: इस आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जो अब तक का काफी बड़ा बदलाव था।
- न्यूनतम वेतन में बड़ी छलांग: कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,440 से बढ़कर सीधे ₹18,000 कर दी गई।
- अधिकतम वेतन का स्तर: सीनियर अधिकारियों की अधिकतम बेसिक सैलरी ₹90,000 से बढ़कर ₹2.5 लाख तक पहुँच गई।
- बढ़ती उम्मीदें: 7वें वेतन आयोग द्वारा दी गई अब तक की सबसे बड़ी सैलरी बढ़ोतरी के कारण ही अब कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग से और भी ज्यादा उम्मीदें हैं।
फिटमेंट फैक्टर तय करने के प्रमुख मानक
फिटमेंट फैक्टर का निर्धारण केवल महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर नहीं होता, बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण आर्थिक पहलू शामिल होते हैं। 8वां वेतन आयोग सरकार की वित्तीय क्षमता और खजाने पर पड़ने वाले बोझ का गहराई से आकलन करेगा, साथ ही विभिन्न सरकारी पदों के बीच वेतन का संतुलन बनाए रखने पर भी जोर देगा। इसके अलावा, देश की आर्थिक विकास दर, भविष्य में महंगाई के रुझान और कर्मचारियों के मनोबल को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम आंकड़े पर फैसला लिया जाएगा।









