
भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने एप्पल के macOS का उपयोग करने वाले करोड़ों भारतीय यूजर्स को एक बड़े खतरे के प्रति सचेत किया है। सुरक्षा बुलेटिन (जनवरी 2026) के अनुसार, मैक डिवाइसेस में ऐसी गंभीर कमियां पाई गई हैं जिनका फायदा उठाकर हैकर्स न केवल आपका निजी डेटा चुरा सकते हैं, बल्कि आपके कंप्यूटर का पूरा कंट्रोल भी अपने हाथ में ले सकते हैं। यह चेतावनी MacBook, iMac और Mac Mini जैसे सभी प्रमुख मॉडल्स के लिए जारी की गई है।
क्या है यह नया सिक्योरिटी रिस्क?
यह खतरा मुख्य रूप से मैक के ऑपरेटिंग सिस्टम के उन हिस्सों में पाया गया है जो रोजाना के कामों के लिए जिम्मेदार होते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हैकर्स QuickLook कंपोनेंट और सिस्टम की कुछ आंतरिक फाइलों में सेंध लगाने में सफल रहे हैं।
- खतरे का तरीका: हमलावर एक विशेष प्रकार का ‘मैलिशियस’ (खतरनाक) पेज या फाइल तैयार करते हैं। जैसे ही यूजर इस पर क्लिक करता है या इसे एक्सेस करता है, सिस्टम का सुरक्षा कवच (Security Layer) कमजोर हो जाता है।
- रिमोट एक्सेस: इस खामी की सबसे डरावनी बात यह है कि हैकर को आपके लैपटॉप के पास होने की जरूरत नहीं है; वह दुनिया में कहीं से भी इंटरनेट के जरिए आपके डेटा तक पहुँच सकता है।
इन डिवाइसेस और वर्जन्स पर है सबसे ज्यादा असर
CERT-In ने इस रिस्क को ‘मध्यम’ (Medium) श्रेणी में रखा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे हल्के में लिया जाए। यह उन यूजर्स के लिए बहुत गंभीर है जो पुराने सॉफ्टवेयर वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं। विशेष रूप से वे वर्जन जो सुरक्षा अपडेट्स प्राप्त नहीं कर रहे हैं, वे हैकर्स के लिए ‘आसान शिकार’ बन गए हैं। हैकर्स सिस्टम के ‘Security Page’ में एरर पैदा करके फाइलों को करप्ट कर रहे हैं।
CERT-In ने क्यों दी यह सख्त चेतावनी?
आमतौर पर मैक सिस्टम को बहुत सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इस बार मामला अलग है। सरकारी एजेंसी ने पाया है कि हमलावर बिना किसी फिजिकल एक्सेस के भी डिवाइस की मेमोरी तक पहुँच सकते हैं। इसका मतलब है कि आपकी बैंक डिटेल्स, पासवर्ड और निजी तस्वीरें दांव पर लग सकती हैं। सरकार ने साफ कहा है कि यूजर्स को अब और देरी नहीं करनी चाहिए।
अपने डिवाइस को सुरक्षित रखने के जरूरी उपाय
एप्पल ने इन खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा पैच जारी कर दिए हैं। यदि आप मैक यूजर हैं, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
- सॉफ्टवेयर अपडेट करें: अपने Mac की ‘System Settings’ में जाएं, ‘General’ पर क्लिक करें और फिर ‘Software Update’ को तुरंत इंस्टॉल करें।
- विश्वसनीय ऐप्स ही रखें: केवल एप्पल ऐप स्टोर (App Store) से ही ऐप्स डाउनलोड करें। किसी भी अनजान वेबसाइट से सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने की गलती न करें।
- ब्राउजिंग में सावधानी: किसी भी अनजान ईमेल में आए लिंक या पॉप-अप पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि यह आपके सिस्टम को ‘एक्सपोज’ कर सकता है।









