
देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली 22वीं किस्त का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास डिजिटल ‘यूनिक किसान आईडी’ होगी। सरकार का उद्देश्य इस आईडी के जरिए फर्जीवाड़े को रोकना और केवल पात्र किसानों तक लाभ पहुँचाना है।
क्या है यूनिक किसान ID (Unique Kisan ID)?
यह एक डिजिटल पहचान पत्र है जिसे केंद्र सरकार AgriStack पहल के तहत बना रही है। इस आईडी में किसान की जमीन का विवरण, उसकी फसल, और उसे मिलने वाली सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी एक ही जगह डिजिटल रूप में मौजूद होगी।
रजिस्ट्रेशन क्यों है जरूरी?
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल सिस्टम से फर्जी लाभार्थियों की पहचान करना आसान होगा। यूनिक आईडी बनने के बाद किसी भी बिचौलिये की भूमिका खत्म हो जाएगी और पैसा सीधे असली किसान के खाते में पहुँचेगा। यदि आपके पास यह आईडी नहीं होगी, तो विभाग आपको ‘अपात्र’ मानकर आपका नाम लाभार्थी सूची से हटा सकता है।
किस्त पाने के लिए क्या करें?ई-केवाईसी (e-KYC)
- सबसे पहले पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपना आधार कार्ड वेरिफाई करें।
- लैंड सीडिंग (Land Seeding): सुनिश्चित करें कि आपकी खेती की जमीन का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपडेटेड है।
- यूनिक आईडी प्रोसेस: पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल को आधार से लिंक कर डिजिटल आईडी के लिए आवेदन करें।
इन किसानों के खाते में नहीं आएंगे पैसे
जिन किसानों ने अब तक अपना बैंक खाता आधार से नहीं जोड़ा है या जिनके भूलेख सत्यापन (Land Verification) में कोई कमी है, उन्हें 22वीं किस्त से वंचित रहना पड़ सकता है। इसलिए अगली किस्त जारी होने से पहले अपना स्टेटस जरूर चेक कर लें।









