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NPS Swasthya Pension Scheme: पेंशन के साथ अब मिलेगा ‘फ्री’ इलाज! बीमारी में नहीं फैलाने होंगे हाथ, सरकार लाने जा रही है नया नियम

बुढ़ापे में बीमारी और अस्पताल के बिलों की चिंता अब खत्म! सरकार की नई NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम के साथ आपको पेंशन के साथ-साथ 'फ्री' इलाज का सुरक्षा कवच मिलेगा। जानें ₹50,000 के बैलेंस पर निकासी और गंभीर बीमारी में पूरी रकम पाने के नए नियम।

By Pinki Negi

NPS Swasthya Pension Scheme: पेंशन के साथ अब मिलेगा 'फ्री' इलाज! बीमारी में नहीं फैलाने होंगे हाथ, सरकार लाने जा रही है नया नियम
NPS Swasthya Pension Scheme 2026

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एक खास NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम की शुरुआत की है, जिसका मकसद रिटायरमेंट की बचत के साथ-साथ मेडिकल खर्चों की चिंता को दूर करना है। यह स्कीम उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो भविष्य में अस्पताल में भर्ती होने या बिना भर्ती हुए (OPD) होने वाले इलाज के लिए एक अलग फंड तैयार करना चाहते हैं। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसके लचीले नियम हैं, जो सब्सक्राइबर्स को जरूरत पड़ने पर आसानी से पैसे जमा करने और निकालने की सुविधा देते हैं। इससे बुढ़ापे में बीमारी के समय किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इलाज के लिए पैसे का इंतजाम पहले से रहेगा।

स्वैच्छिक योगदान पर आधारित नई स्वास्थ्य पेंशन

PFRDA की यह नई स्वास्थ्य पेंशन योजना मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) पर आधारित है, जिसमें ग्राहकों को अपनी बचत के अनुसार खुद पैसा जमा करना होगा। यह पूरी तरह से एक कॉन्ट्रीब्यूटरी स्कीम है, जिसका अर्थ है कि इसमें मिलने वाला लाभ आपके द्वारा जमा किए गए योगदान पर निर्भर करेगा। कोई भी भारतीय नागरिक अपनी इच्छा से इस योजना का हिस्सा बन सकता है। वर्तमान में, इसे एक पायलट प्रोजेक्ट (ट्रायल) के रूप में शुरू किया गया है, जहाँ पेंशन फंड कंपनियां इसे सीमित समय के लिए पेश करेंगी। इस ट्रायल के सफल होने के बाद इसे व्यापक स्तर पर सभी के लिए पूरी तरह लागू किया जाएगा।

NPS स्वास्थ्य पेंशन

PFRDA की इस नई पहल के तहत भारत का कोई भी नागरिक स्वास्थ्य पेंशन योजना का लाभ उठा सकता है। इसके लिए एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक के पास एक ‘कॉमन स्कीम अकाउंट’ (जैसे PRAN आधारित अकाउंट) होना अनिवार्य है। यदि आपके पास पहले से यह अकाउंट नहीं है, तो NPS स्वास्थ्य अकाउंट खोलते समय इसे भी साथ में खुलवाना होगा। निवेश के मामले में यह स्कीम काफी लचीली है; ग्राहक अपनी वित्तीय क्षमता और मौजूदा नियमों के अनुसार इस फंड में कितनी भी राशि जमा कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो अपने भविष्य के मेडिकल खर्चों के लिए बिना किसी अधिकतम सीमा के धीरे-धीरे एक बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं।

NPS हेल्थ पेंशन

PFRDA की इस नई स्कीम में लगने वाले सभी शुल्क मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के नियमों के अनुसार होंगे। इनमें हेल्थ बेनिफिट एडमिनिस्ट्रेटर (HBA) की फीस भी शामिल की जाएगी, जो आपके मेडिकल क्लेम और सुविधाओं को मैनेज करेंगे। योजना को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया है ताकि ग्राहकों को हर चार्ज की सटीक जानकारी पहले से हो और कोई छिपा हुआ खर्च न रहे।

NPS हेल्थ अकाउंट

40 वर्ष से अधिक उम्र के सब्सक्राइबर्स अब अपने ‘कॉमन स्कीम अकाउंट’ से खुद के या एम्प्लॉयर के योगदान का 30% हिस्सा सीधे ‘NPS स्वास्थ्य अकाउंट’ में ट्रांसफर कर सकेंगे। यह सुविधा मेडिकल फंड को बढ़ाने के लिए दी गई है। हालांकि, सरकारी कर्मचारी और सरकारी कंपनियों (PSUs) के कर्मचारी इस फंड ट्रांसफर सुविधा का लाभ नहीं ले पाएंगे; उनके लिए नियम अलग रखे गए हैं।

जब चाहें निकालें इलाज के लिए पैसा

इस स्कीम की सबसे बड़ी खूबी ‘पार्शियल विड्रॉल’ (आंशिक निकासी) की सुविधा है। सब्सक्राइबर्स अपनी मेडिकल जरूरतों के लिए, चाहे वह अस्पताल में भर्ती होना हो या बिना भर्ती हुए इलाज (OPD), अपने जमा पैसे का हिस्सा निकाल सकते हैं। यह लचीलापन बीमारी के समय फंड की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित करता है, जिससे आपातकालीन स्थिति में वित्तीय सुरक्षा मिलती है।

निकासी के नियम और ‘प्री-मैच्योर एग्जिट’ की सुविधा

NPS स्वास्थ्य अकाउंट में निकासी के नियम बहुत आसान हैं। ग्राहक अपने द्वारा जमा किए गए पैसे का 25% हिस्सा कभी भी निकाल सकते हैं, जिसके लिए कोई वेटिंग पीरियड या बार-बार निकासी पर कोई पाबंदी नहीं है। हालांकि, पहली निकासी के लिए खाते में कम से कम ₹50,000 होना अनिवार्य है। एक विशेष सुविधा यह भी है कि यदि गंभीर बीमारी का बिल आपके कुल फंड के 70% से अधिक हो जाता है, तो आप पूरी जमा राशि निकालकर स्कीम से ‘प्री-मैच्योर एग्जिट’ कर सकते हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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