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WhatsApp Alert: क्या बिना Ads देखने के लिए देने होंगे पैसे? जानें वॉट्सऐप के नए ‘पेड सिस्टम’ का पूरा सच

वॉट्सऐप का मुफ्त सफर अब खत्म होने वाला है! मेटा जल्द ही स्टेटस और चैनल्स में विज्ञापन दिखाने की तैयारी में है। इन एड्स से बचने के लिए क्या आपको अपनी जेब ढीली करनी होगी? जानें वॉट्सऐप के इस नए 'पेड सब्सक्रिप्शन' की पूरी हकीकत।

By Pinki Negi

WhatsApp Alert: क्या बिना Ads देखने के लिए देने होंगे पैसे? जानें वॉट्सऐप के नए 'पेड सिस्टम' का पूरा सच।
WhatsApp Alert

वॉट्सऐप जल्द ही अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव कर सकता है, जिसमें स्टेटस और चैनल्स के बीच विज्ञापन (Ads) दिखाए जा सकते हैं। खास बात यह है कि इन विज्ञापनों से छुटकारा पाने के लिए कंपनी एक ‘पेड सब्सक्रिप्शन’ मॉडल लाने की तैयारी में है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन ऐप के नए बीटा वर्जन में इसके संकेत मिले हैं। इसका मतलब है कि भविष्य में बिना विज्ञापन वाला अनुभव पाने के लिए यूजर्स को शुल्क देना पड़ सकता है।

वॉट्सऐप बीटा में दिखे विज्ञापनों को हटाने वाले खास फीचर्स

वॉट्सऐप के नए एंड्रॉयड बीटा वर्जन में कुछ ऐसे खास कोड मिले हैं, जिनसे साफ संकेत मिलता है कि अब स्टेटस और चैनल्स को “विज्ञापन मुक्त” रखने के लिए सब्सक्रिप्शन लेना होगा। इस नए सिस्टम में यूजर्स को प्ले स्टोर के जरिए अपना प्लान मैनेज करने और उसे कैंसिल करने की सुविधा भी मिलेगी। दिलचस्प बात यह है कि सब्सक्रिप्शन की कीमत आपके अकाउंट की सेटिंग्स और ‘अकाउंट्स सेंटर’ से जुड़ी जानकारी के आधार पर घट या बढ़ भी सकती है। यह दिखाता है कि मेटा अब वॉट्सऐप को कमाई का जरिया बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विज्ञापन हटाने के नए प्लान पर अब भी बना है सस्पेंस

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वॉट्सऐप का यह पेड मॉडल असल में कैसे काम करेगा और यूजर्स को विज्ञापन हटाने के लिए हर महीने कितने पैसे खर्च करने होंगे। हालांकि मेटा ने इस फीचर की लॉन्चिंग तारीख का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन बीटा वर्जन से मिले संकेतों ने यह पक्का कर दिया है कि कंपनी ‘एड-फ्री’ अनुभव के लिए एक खास प्लान पर काम कर रही है। आने वाले समय में वॉट्सऐप का इस्तेमाल पहले जैसा मुफ्त रहेगा या नहीं, यह पूरी तरह मेटा की नई रणनीति पर निर्भर करेगा।

विरोध के बावजूद वॉट्सऐप में विज्ञापनों की तैयारी

मेटा का यह नया ‘एड-फ्री’ मॉडल किन देशों में लागू होगा, इसे लेकर अभी संशय बना हुआ है। फेसबुक और इंस्टाग्राम की तरह संभव है कि इसे भी पहले कुछ चुनिंदा देशों में ही पेश किया जाए। पिछले साल स्टेटस और चैनल्स में विज्ञापनों की टेस्टिंग का काफी विरोध हुआ था, लेकिन मेटा पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा है। ऐसे में जो यूजर्स अपनी प्राइवेसी और बिना विज्ञापन वाला अनुभव चाहते हैं, उनके लिए यह पेड सब्सक्रिप्शन एक जरूरी विकल्प बन सकता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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