
आज के दौर में मोबाइल और इंटरनेट ने लेन-देन को इतना आसान बना दिया है कि छोटी दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक हर जगह UPI का ही बोलबाला है। यह पेमेंट का सबसे तेज़ तरीका तो है, लेकिन कई बार तकनीकी खराबी के कारण हमें परेशानी का सामना करना पड़ता है। अक्सर ऐसा होता है कि आपके पास ‘ट्रांजैक्शन सक्सेसफुल’ का मैसेज आ जाता है और बैंक खाते से पैसे भी कट जाते हैं, लेकिन जिसे पैसे भेजे हैं उसे रिसीव नहीं होते। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय कुछ जरूरी स्टेप्स अपनाकर आप अपना पैसा सुरक्षित वापस पा सकते हैं।
UPI ट्रांजैक्शन फेल होने की असली वजह
यूपीआई ट्रांजैक्शन फेल होने के पीछे आमतौर पर तीन मुख्य कारण होते हैं: इंटरनेट की धीमी गति (Slow Network), बैंक के सर्वर में तकनीकी खराबी या फिर यूपीआई सिस्टम में कोई अस्थाई रुकावट। ऐसी स्थिति में पैसे आपके खाते से तो निकल जाते हैं, लेकिन बैंक के बीच के ‘गेटवे’ में फंस जाते हैं।
राहत की बात यह है कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नियमों के अनुसार, अटका हुआ पैसा या तो कुछ ही घंटों में सामने वाले के खाते में पहुंच जाता है या फिर अगले 3 से 5 वर्किंग दिनों में आपके अपने अकाउंट में अपने आप वापस (Auto-Refund) आ जाता है।
UPI पेमेंट पेंडिंग (Pending) है? तो तुरंत न करें शिकायत
जैसे ही आपका कोई ट्रांजैक्शन अटकता है, सबसे पहले अपने UPI ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay या Paytm) के ‘History’ सेक्शन में जाकर ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक करें। अगर वहां ‘Pending’ लिखा दिखाई दे रहा है, तो इसका मतलब है कि पैसा बैंक और यूपीआई सिस्टम के बीच प्रोसेस में है।
ऐसी स्थिति में तुरंत बैंक को शिकायत करने के बजाय 30 से 60 मिनट का इंतज़ार करना बेहतर होता है। अक्सर तकनीकी जाम हटने के बाद सिस्टम खुद ही पेमेंट को क्लियर कर देता है और आपका पैसा या तो सामने वाले के खाते में सुरक्षित पहुँच जाता है या फिर आपके अपने बैंक अकाउंट में वापस क्रेडिट कर दिया जाता है।
UPI ट्रांजैक्शन ‘Failed’ पर भी कट गया पैसा? अब चुप बैठने का समय नहीं, ऐसे लें एक्शन
आमतौर पर एक सफल यूपीआई ट्रांजैक्शन होने पर ऐप के नोटिफिकेशन के साथ-साथ बैंक का मैसेज (SMS) भी तुरंत आ जाता है। लेकिन अगर एक घंटे का समय बीत जाने के बाद भी न तो पैसा सामने वाले को मिला और न ही आपके खाते में वापस लौटा, तो इसे नज़रअंदाज़ बिल्कुल न करें। ‘Failed’ स्टेटस का मतलब है कि ट्रांजैक्शन तकनीकी रूप से रद्द हो चुका है, लेकिन आपका फंड सिस्टम में कहीं अटक गया है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत अपने यूपीआई ऐप के ‘Help & Support’ सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज करनी चाहिए या अपने बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करना चाहिए ताकि रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो सके।
UPI पेमेंट अटक गया? Google Pay, PhonePe या Paytm ऐप से ऐसे करें तुरंत शिकायत
अटके हुए ट्रांजैक्शन को सुलझाने का सबसे आसान रास्ता आपके UPI ऐप का ‘इन-ऐप सपोर्ट’ है। चाहे आप Google Pay, PhonePe या Paytm का उपयोग कर रहे हों, सभी ऐप्स में ‘Help’ या ‘Report a Problem’ का विकल्प मिलता है। आपको बस अपनी ‘Transaction History’ में जाकर उस पेमेंट को चुनना है जो फेल हुआ है, उसकी डिटेल्स भरनी हैं और ‘Raise a Dispute’ या शिकायत दर्ज करनी है।
आपकी यह रिक्वेस्ट सीधे आपके बैंक और पेमेंट सिस्टम (NPCI) तक पहुँच जाती है, जिससे रिफंड की प्रक्रिया काफी तेज हो जाती है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में, यह तरीका न केवल सुरक्षित है बल्कि बैंक के चक्कर काटने की टेंशन को भी खत्म करता है।
बैंक और NPCI से सीधे करें शिकायत
अगर यूपीआई ऐप में शिकायत करने के बाद भी आपको सही जवाब नहीं मिलता, तो बिना देर किए अपने बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करें। आप कॉल, ईमेल या सीधे बैंक शाखा (Branch) जाकर अपनी ट्रांजैक्शन आईडी (Transaction ID) और तारीख की जानकारी साझा करें।
बैंक स्तर पर शिकायत दर्ज होने से ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना आसान हो जाता है। यदि बैंक से भी संतोषजनक परिणाम न मिले, तो आप सीधे NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। आमतौर पर इन प्रक्रियाओं के बाद 3 से 5 वर्किंग डेज के भीतर पैसा या तो रिसीवर तक पहुँच जाता है या आपके खाते में वापस आ जाता है।









