
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी बीमा योजना बनकर उभरी है। साल 2016 से अब तक करीब 29 करोड़ से अधिक किसान अपनी फसलों का सुरक्षित घेरा तैयार करने के लिए इससे जुड़ चुके हैं। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि किसान महज 1 रुपये के प्रीमियम पर अपनी मेहनत की कमाई का बीमा करवा सकते हैं।
भारत सरकार किसानों को न केवल वित्तीय सहायता और आधुनिक तकनीक उपलब्ध करा रही है, बल्कि बुनियादी ढांचे को भी मजबूत कर रही है ताकि खेती को घाटे का सौदा होने से बचाया जा सके और कृषि उत्पादकता को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।
छोटे किसानों को हर साल मिलेंगे 6,000 रुपये, सीधे बैंक खाते में
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) केंद्र सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना है, जिसकी शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के लघु और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करना है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों (DBT) में भेजी जाती है। विशेष रूप से 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि वाले किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपनी खेती की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।
पीएम फसल बीमा योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी फसल बीमा योजना है, जिससे अब तक 29 करोड़ से अधिक किसान जुड़ चुके हैं। इस योजना के तहत किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होता है—खरीफ फसलों के लिए मात्र 2%, रबी के लिए 1.5% और बागवानी फसलों के लिए 5%। विशेष रूप से महाराष्ट्र में राज्य सरकार ने 2023 से एक क्रांतिकारी बदलाव किया है, जहाँ किसानों को अब बीमा के लिए केवल 1 रुपये का टोकन प्रीमियम देना होता है। पहले जहाँ किसानों को प्रति हेक्टेयर 750 से 1100 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे, अब वह पूरा बोझ राज्य सरकार उठा रही है, जिससे छोटे किसानों को बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिली है।
PM फसल बीमा योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संकटों जैसे बेमौसम बारिश, सूखा, कीट और रोगों से होने वाले नुकसान से किसानों को बचाना है। यह योजना न केवल फसल की पैदावार कम होने पर आर्थिक मदद देती है, बल्कि बुवाई में रुकावट से लेकर फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान (Post-harvest loss) और ओलावृष्टि जैसी स्थानीय आपदाओं को भी कवर करती है। बेहद कम प्रीमियम दरों पर मिलने वाली यह सुविधा उन सभी किसानों के लिए उपलब्ध है, जो सरकार द्वारा अधिसूचित क्षेत्रों में तय की गई फसलें उगा रहे हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
भारत सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाकर बैंकों के माध्यम से बेहद कम ब्याज दर पर ऋण (Loan) उपलब्ध कराना है। इसके जरिए किसान बीज, खाद, कीटनाशक और खेती के आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए आसानी से पैसा जुटा सकते हैं। सरकार ने इसकी आवेदन प्रक्रिया को अब इतना सरल कर दिया है कि किसान कुछ जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने नजदीकी बैंक से संपर्क कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
KCC योजना के मुख्य लाभ और विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
| अधिकतम ऋण सीमा | ₹3 लाख तक का लोन |
| प्रभावी ब्याज दर | समय पर भुगतान करने पर मात्र 4% (7% में से 3% की सब्सिडी के बाद) |
| उद्देश्य | बीज, खाद, उपकरण और फसल उत्पादन के खर्चों के लिए |
| पुनर्भुगतान | फसल की कटाई और बिक्री के अनुसार लचीली शर्तें |









