
नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए राहत भरी खबर है कि सरकार ने टोल टैक्स के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार, जब दो लेन वाले नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा होगा, तब यात्रियों को पूरा टोल नहीं देना पड़ेगा। इस दौरान टोल टैक्स में 70 प्रतिशत की भारी छूट दी जाएगी, जिसका मतलब है कि आपको कुल टैक्स का सिर्फ 30 प्रतिशत हिस्सा ही चुकाना होगा। यह फैसला यात्रियों के सफर को सस्ता और सुगम बनाने के लिए लिया गया है।
टोल टैक्स नियम में बड़ा बदलाव
सड़क परिवहन मंत्रालय ने टोल नियमों में एक खास सुधार किया है, जिससे अब आम जनता की जेब पर बोझ कम होगा। नए नियम के मुताबिक, जब भी किसी दो-लेन वाले नेशनल हाईवे को चार-लेन या उससे अधिक चौड़ा करने का काम चलेगा, तो वहां से गुजरने वाले ड्राइवरों को पूरा टोल नहीं भरना पड़ेगा। निर्माण कार्य पूरा होने तक टोल की दरों में 70 फीसदी की कटौती कर दी गई है। यानी सड़क पर काम चलने के दौरान आपको सिर्फ 30 फीसदी टैक्स ही देना होगा, जिससे यात्रियों को सफर के दौरान हो रही असुविधा का मुआवजा मिल सके।
काम चलने तक लगेगा सिर्फ 30% टैक्स
सरकार ने टोल टैक्स के नियमों में एक बड़ा और फायदेमंद बदलाव लागू कर दिया है। अब जिस भी हाईवे को दो-लेन से चार-लेन या उससे अधिक चौड़ा किया जा रहा है, वहां निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर खत्म होने तक यात्रियों को सिर्फ 30% टोल ही देना होगा। यानी यात्रियों को सीधे 70% की छूट मिलेगी। यह नियम नए साल से सभी मौजूदा और नई परियोजनाओं पर लागू हो गया है। एक तरफ जहां हर साल टोल की कीमतें 7 से 10 फीसदी तक बढ़ती हैं, वहीं सरकार के इस फैसले से उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें सड़क निर्माण के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बड़े हाईवे के विस्तार पर भी मिलेगी टोल में छूट
सरकार ने टोल टैक्स राहत का दायरा और बढ़ा दिया है। नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी चार-लेन वाले हाईवे को छह या आठ-लेन में बदलने का काम चल रहा है, तो यात्रियों को टोल टैक्स में 25 फीसदी की छूट मिलेगी। यानी निर्माण कार्य के दौरान आपको कुल टैक्स का सिर्फ 75 फीसदी ही देना होगा। साथ ही, यह नियम भी ध्यान रखने योग्य है कि जब किसी सड़क के निर्माण की पूरी लागत वसूल हो जाती है, तब वहां पहले से ही सिर्फ 40 प्रतिशत टोल लेने का प्रावधान है। इन बदलावों का सीधा उद्देश्य निर्माण के दौरान होने वाली असुविधा के बदले यात्रियों को आर्थिक राहत देना है।
10 लाख करोड़ का निवेश
सरकार ने देशभर के लगभग 25 से 30 हजार किलोमीटर लंबे दो-लेन वाले राजमार्गों को चार-लेन में बदलने का एक विशाल लक्ष्य रखा है, जिस पर 10 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस बड़े बदलाव का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर माल ढुलाई की हिस्सेदारी को 40% से बढ़ाकर 80% करना है। जब ये कॉरिडोर बनकर तैयार हो जाएंगे, तो ट्रकों और अन्य व्यावसायिक वाहनों की औसत रफ्तार 30-35 किमी प्रतिघंटा से बढ़कर 50 किमी प्रतिघंटा से भी ज्यादा हो जाएगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि देश के व्यापार को भी नई गति मिलेगी।









