
भारत सरकार ‘नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट’ के जरिए देश के करोड़ों जरूरतमंद नागरिकों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराती है, ताकि किसी को भी भूखा न सोना पड़े। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास राशन कार्ड होना अनिवार्य है। हालांकि कई लोग इस सुविधा का लाभ तो ले रहे हैं, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं है कि नियमों के अनुसार उन्हें हर महीने कितनी मात्रा में अनाज मिलना चाहिए। यह योजना उन गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा है जो आर्थिक तंगी के कारण दो वक्त के भोजन का इंतजाम नहीं कर पाते। आइए जानते हैं राशन कार्ड पर मिलने वाले इस फ्री अनाज का पूरा गणित।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में कितना मिलता है राशन?
केंद्र सरकार अपनी महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत देश के पात्र लाभार्थियों को मुफ्त राशन का लाभ देती है। इस योजना के नियमों के अनुसार, राशन कार्ड में दर्ज प्रति व्यक्ति को हर महीने 5 किलो अनाज मुफ्त दिया जाता है। इस 5 किलो के कोटे में 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं शामिल होता है। खास बात यह है कि केंद्र की इस योजना के साथ-साथ कई राज्य सरकारें अपनी अलग योजनाओं के जरिए अतिरिक्त राशन या अन्य खाद्य सामग्रियां भी प्रदान करती हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि गरीब परिवारों को पोषण और खाद्य सुरक्षा मिलती रहे।
पात्रता की शर्तें और कार्ड बनवाने का तरीका
केंद्र सरकार की फ्री राशन योजना का लाभ मुख्य रूप से उन परिवारों को मिलता है जो गरीबी रेखा के नीचे (BPL) आते हैं। इसके अलावा, समाज के सबसे गरीब परिवारों यानी अंत्योदय (AAY) कार्ड धारकों को भी इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है। यदि आपके पास अभी तक राशन कार्ड नहीं है, तो आप अपने नजदीकी सरकारी राशन डीलर या खाद्य विभाग के कार्यालय में जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। याद रखें, राशन कार्ड न केवल सस्ता अनाज दिलाने का जरिया है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज भी है जो अन्य कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आपकी मदद करता है।









