
अगर आप सड़क पर रॉन्ग साइड गाड़ी चलाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाएं! अब गलत दिशा में ड्राइविंग करने पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि पुलिस आप पर FIR दर्ज कर आपकी गाड़ी भी ज़ब्त कर सकती है। हाल ही में गुजरात के राजकोट में 21 साल के एक कैब ड्राइवर, आशीष गुप्ता को यह लापरवाही महंगी पड़ गई।
भिंडर चौक पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस ने उसे ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गलत दिशा में तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाते हुए पकड़ा। इस मामले के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग को अब केवल मामूली ट्रैफिक उल्लंघन नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनी अपराध माना जाएगा।
सबूत के साथ पकड़ा गया नियम तोड़ने वाला ड्राइवर
ट्रैफिक नियमों को तोड़ना अब आसान नहीं है, क्योंकि पुलिस हर उल्लंघन पर पैनी नज़र रख रही है। राजकोट की इस घटना में कॉन्स्टेबल के साथी ने ड्राइवर की लापरवाही को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जिससे बचने का कोई रास्ता नहीं बचा।
पकड़े जाने पर ड्राइवर ने भारी ट्रैफिक और व्यक्तिगत इमरजेंसी का हवाला दिया, लेकिन कानून के सामने ये दलीलें काम नहीं आईं। हालांकि ड्राइवर के पास लाइसेंस मौजूद था, लेकिन मौके पर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन पेपर (RC) न होने और रॉन्ग साइड ड्राइविंग के ठोस वीडियो सबूत ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
यात्री की जल्दबाजी और दूसरों की देखा-देखी कैब ड्राइवर को पड़ी भारी
नियमों को तोड़ने के लिए अक्सर लोग दूसरों का बहाना बनाते हैं, और ऐसा ही कुछ राजकोट के कैब ड्राइवर आशीष गुप्ता के साथ हुआ। उसने बताया कि वह हाल ही में गुजरात आया था और अपनी नई कैब चला रहा था। घटना के वक्त सड़क पर अन्य गाड़ियों को भी गलत दिशा (Wrong Side) में जाते देख उसने भी उनके पीछे गाड़ी डाल दी। ड्राइवर का कहना है कि कार में बैठे यात्री को बहुत जल्दी थी, जिसके दबाव में आकर उसने यह जोखिम उठाया। लेकिन दूसरों की नकल और सवारी की जल्दबाजी का नतीजा यह हुआ कि अब उसे भारी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
गाड़ी ज़ब्त होने के बाद दूसरे राज्यों के चक्कर काट रहा है ड्राइवर
ट्रैफिक नियम की एक छोटी सी अनदेखी ने कैब ड्राइवर आशीष गुप्ता की ज़िंदगी को मुश्किलों से भर दिया है। गाड़ी ज़ब्त होने के बाद अब उन्हें अपने दस्तावेज़ों के वेरिफिकेशन के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य की दौड़ लगानी पड़ रही है। लाइसेंस की डिटेल्स कंफर्म कराने के लिए उन्हें गुजरात जाना पड़ा, तो गाड़ी के रजिस्ट्रेशन वेरिफिकेशन के लिए हरियाणा के चक्कर काटने पड़े, जहाँ गाड़ी रजिस्टर्ड थी। इस कानूनी प्रक्रिया और वेरिफिकेशन के फेर में न केवल उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि कमाई का ज़रिया छिन जाने से उन्हें भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।
कोर्ट के चक्कर और गाड़ी बेचने पर पाबंदी
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसे मामलों में अगर एक बार FIR दर्ज हो गई, तो मुसीबतें कई गुना बढ़ जाती हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस गाड़ी ज़ब्त कर लेती है और उसे छुड़ाने के लिए मालिक को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरते हुए सीधे कोर्ट का ऑर्डर लाना पड़ता है।
इतना ही नहीं, जब तक कोर्ट में मामला पूरी तरह सुलझ नहीं जाता, मालिक उस गाड़ी को किसी और को बेच भी नहीं सकता। हालांकि, अधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर नियम तोड़ने का वीडियो सबूत मौजूद है, तो FIR होना तय है, लेकिन गाड़ी ज़ब्त करना है या नहीं, यह फैसला मौके पर मौजूद अधिकारियों की गंभीरता पर निर्भर करता है।
रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर दिल्ली पुलिस का सख्त एक्शन
ट्रैफिक नियमों को लेकर प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अपना रहा है। एडिशनल CP (ट्रैफिक) दिनेश गुप्ता के अनुसार, अब गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों का केवल चालान काटकर नहीं छोड़ा जा रहा, बल्कि मामले दर्ज कर उन्हें सीधे कोर्ट में पेश किया जा रहा है। अकेले दिल्ली पुलिस ने पिछले साल 3 लाख से ज्यादा चालान काटे थे, लेकिन नियमों के उल्लंघन में कमी न आने के कारण अब FIR की कार्रवाई शुरू की गई है। अब तक ऐसे 35 गंभीर मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें दोषियों को जेल या भारी जुर्माने के लिए कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा है।









