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1 फरवरी से महंगा हो जाएगा पेट्रोल-डीजल? जानें वजह

आम बजट 2026 से पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। क्या सरकार 1 फरवरी से तेल पर नया टैक्स लगाकर आपकी जेब का बोझ बढ़ाने वाली है? कीमतों में होने वाली इस संभावित बढ़ोतरी की पूरी वजह और सटीक आंकड़े यहाँ जानें।

By Pinki Negi

1 फरवरी से महंगा हो जाएगा पेट्रोल-डीजल? जानें वजह
पेट्रोल-डीजल

देश का नया बजट (2026) पेश होने से पहले आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल के मुताबिक, 1 फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट से पहले सरकार पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में 3 से 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर सकती है। अगर सरकार यह फैसला लेती है, तो तेल की कीमतों में इजाफा होना तय है, जिससे आने वाले दिनों में ईंधन के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।

सरकार की कमाई बढ़ाने के लिए पेट्रोल-डीजल पर बढ़ सकता है टैक्स

जेएम फाइनेंशियल की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है। अगर तेल की कीमतों में 3 से 4 रुपये की बढ़ोतरी होती है, तो सरकार को साल भर में लगभग 50,000 से 70,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होगी। फिलहाल तेल कंपनियां काफी अच्छा मुनाफा कमा रही हैं, इसलिए माना जा रहा है कि सरकार बजट से पहले यह कदम उठा सकती है ताकि अपने खजाने के घाटे को कम किया जा सके।

तेल कंपनियों का मुनाफा बढ़ा, अब टैक्स में बढ़ोतरी की तैयारी

जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमत गिरकर 61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जिससे तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल बेचने पर उम्मीद से कहीं ज्यादा फायदा हो रहा है। रिपोर्ट बताती है कि तेल कंपनियों का वर्तमान मार्जिन ₹10.60 प्रति लीटर तक पहुँच गया है, जो सामान्य तौर पर केवल ₹3.50 रहता था। कंपनियों को हो रहे इसी भारी मुनाफे को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सरकार अब टैक्स बढ़ाकर इस मुनाफे का एक हिस्सा अपने राजस्व में जोड़ सकती है।

सरकारी खजाने पर बढ़ता दबाव, बजट में घाटा कम करने की चुनौती

आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार की कमाई फिलहाल उम्मीद से धीमी चल रही है। नवंबर 2025 तक का राजस्व संग्रह पिछले साल के मुकाबले कम रहा है, जिसकी वजह से सरकार पर अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने का दबाव बढ़ गया है। महंगाई कम होने से अर्थव्यवस्था की विकास दर पर भी असर पड़ा है, जिससे सरकारी घाटे को संभालना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार अगले साल के बजट में अपने खर्चों और घाटे पर और अधिक लगाम लगाने की कोशिश करेगी।

तेल पर मात्र 1 रुपये टैक्स बढ़ाकर सरकार कमा सकती है 17,000 करोड़

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार बजट में अपनी कमाई बढ़ाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर टैक्स बढ़ाने का बड़ा कदम उठा सकती है। गणना के मुताबिक, अगर सरकार तेल पर सिर्फ 1 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाती है, तो उसे साल भर में करीब 17,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होती है। इसी तरह 3 से 4 रुपये की बढ़ोतरी से सरकार के खजाने में 70,000 करोड़ रुपये तक आ सकते हैं, जो देश की जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा है। आर्थिक घाटे को कम करने के लिए यह सरकार के लिए कमाई का सबसे आसान जरिया नजर आ रहा है।

तेल कंपनियों के मुनाफे पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों का बड़ा असर

जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट बताती है कि पेट्रोल-डीजल के मार्जिन में मामूली बदलाव भी तेल कंपनियों की कमाई को बड़े स्तर पर प्रभावित करता है। अगर तेल के मुनाफे (जीएमएम) में प्रति लीटर 1 रुपये की कमी या बढ़त होती है, तो एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल जैसी कंपनियों की कुल कमाई 12% से 17% तक ऊपर-नीचे हो सकती है। आसान शब्दों में कहें तो तेल की कीमतों और टैक्स में होने वाला कोई भी फेरबदल इन कंपनियों की आर्थिक सेहत और उनकी मार्केट वैल्यू पर हर महीने सीधा और बड़ा असर डालता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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