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बैंक में जरूरी हुआ Mobile Number Validation! क्या है MNV और क्यों ये हर किसी को करवाना है जरूरी

क्या आपका बैंक अकाउंट है? तो यह खबर आपके लिए है! बैंक में अब मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) करवाना अनिवार्य हो गया है। आखिर यह MNV क्या है और यह आपके बैंकिंग लेनदेन को कैसे प्रभावित करेगा? धोखाधड़ी से बचने और अपनी सेवाओं को सुरक्षित रखने के लिए यह हर ग्राहक के लिए क्यों जरूरी है, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें!

By Pinki Negi

बैंक में जरूरी हुआ Mobile Number Validation! क्या है MNV और क्यों ये हर किसी को करवाना है जरूरी
MNV Explained

दूरसंचार विभाग (DoT) ने साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स, 2024 में बदलाव किए हैं। इन संशोधनों में मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) प्लेटफॉर्म की शुरुआत एक बड़ा कदम है, जो सीधे आम जनता से जुड़ा है।

इस नए नियम के तहत, अब आपको बैंक या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने मोबाइल नंबर को सत्यापित (Validate) करना पड़ सकता है। यह इसलिए किया जा रहा है ताकि साइबर अपराधी किसी भी मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल न कर सकें और धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके।

Mobile Number Validation की जरुरत क्यों

वर्तमान में, बैंक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (जैसे Amazon, Flipkart) यह पुष्टि नहीं कर पाते कि ग्राहक जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहा है, वह वास्तव में उसी के नाम पर है। आप आसानी से परिवार के किसी भी सदस्य के नंबर से अकाउंट बना सकते हैं। इसी कमी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी फर्जी अकाउंट खोल रहे हैं, लोगों की पहचान चोरी कर रहे हैं और धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस समस्या को रोकने के लिए, यह ज़रूरी है कि बैंकों और ऑनलाइन सेवाओं के पास मोबाइल नंबर को आधिकारिक रूप से सत्यापित करने का कोई पुख्ता तरीका हो।

मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) की नई प्रणाली

मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) नाम की एक नई प्रणाली शुरू की जा रही है, जिससे बैंक और अन्य प्लेटफॉर्म यह जाँच कर सकेंगे कि ग्राहक द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा मोबाइल नंबर वास्तव में उसी के नाम पर पंजीकृत है या नहीं। कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि इससे उनकी निजता (Privacy) को खतरा होगा या साइबर अपराधी इसका भी कोई गलत फायदा उठा लेंगे। हालाँकि, यह बताया जा रहा है कि MNV को ग्राहकों की प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका मुख्य लाभ यह होगा कि लोग डिजिटल लेन-देन पर अधिक भरोसा कर पाएंगे।

सेकंड हैंड फोन खरीदने वालों के लिए नया नियम

भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को आसान और धांधली-मुक्त बनाने के लिए एक नई ओटीपी (OTP) प्रणाली शुरू की है। यह नया नियम सभी बुकिंग माध्यमों, जैसे कि रेलवे काउंटर, अधिकृत एजेंट, आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर लागू होगा। रेलवे का मानना है कि इस कदम से टिकट बुकिंग में ज्यादा पारदर्शिता आएगी और केवल ज़रूरतमंद यात्रियों को ही तत्काल टिकट मिल पाएगा, जिससे दलालों पर रोक लगेगी।

ग्राहक पहचान जानकारी साझा करना

अब एक नया नियम लागू हो रहा है जिसे TIUE (टेलीकॉम आइडेंटिफायर यूजर एंटिटी) कहा जाता है। इसके तहत, कुछ विशेष परिस्थितियों में, टेलीकॉम कंपनियों के साथ-साथ बैंकों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और ई-कॉमर्स कंपनियों को भी किसी व्यक्ति की पहचान से जुड़ी जानकारी सरकार के साथ साझा करनी पड़ सकती है। यह कदम धोखाधड़ी (Fraud) से जुड़े मामलों को सुलझाने और रोकने में काफी मदद करेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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