
दुनिया का सबसे छोटा देश आकार में भले ही बेहद छोटा हो, लेकिन इसकी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक ताकत वैश्विक पटल पर बेजोड़ है। वेटिकन सिटी, मात्र 0.44 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला यह देश 1.2 अरब कैथोलिक अनुयायियों का आध्यात्मिक केंद्र है। 2026 में इसकी आबादी 500 से भी कम है, फिर भी पोप का निवास होने से यह पूरी दुनिया में धाक जमाए हुए है। तो चलिए जानते हैं क्या है वेटिकन सिटी और इससे जुडी पूरी जानकारी।
यूरोप के दिल में बसा अनोखा राष्ट्र
वेटिकन सिटी इटली की राजधानी रोम के बीचों-बीच स्थित एक एन्क्लेव है, जो पूरी तरह इटली से घिरा हुआ है। 1929 की लेटरन संधि ने इसे स्वतंत्र राष्ट्र का दर्जा दिलाया, जब पोप पाईउस XI ने इटली के साथ समझौता किया। यह संधि इतिहास का महत्वपूर्ण मोड़ थी, जिसने कलीसिया को राजनीतिक स्वायत्तता प्रदान की। आज पोप यहां का सर्वोच्च नेता है, जो धार्मिक और कूटनीतिक दोनों भूमिकाएं निभाते हैं।
रहस्यमयी आबादी और प्रशासन
वेटिकन की जनसंख्या करीब 500 है, जिसमें ज्यादातर पादरी, कार्डिनल, स्विस गार्ड और अधिकारी शामिल हैं कोई स्थायी नागरिक या बच्चे नहीं। मीडियन उम्र 56 वर्ष है, क्योंकि यहां जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड नहीं रखे जाते। प्रशासन पोप के अधीन चलता है, जिसमें गवर्नर और आयोग सहायक होते हैं। यह दुनिया का सबसे घनी आबादी वाला देश है 1,151 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी।
स्विस गार्ड करते हैं सुरक्षा
वेटिकन की कोई पारंपरिक सेना नहीं, लेकिन 110 स्विस गार्ड पोप की सुरक्षा करते हैं। 1506 से चली आ रही यह परंपरा माइकलएंजेलो द्वारा डिजाइन की गई रंग-बिरंगी वर्दी के लिए मशहूर है। ये गार्ड हथियारों के साथ सेंट पीटर्स स्क्वायर में तैनात रहते हैं, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं।
कला और इतिहास का खजाना
44 हेक्टेयर में सेंट पीटर्स बेसिलिका, सिस्टीन चैपल और वेटिकन संग्रहालय समाए हैं। माइकलएंजेलो की सिस्टीन चैपल की छत पेंटिंग ‘द क्रिएशन ऑफ एडम’ विश्व प्रसिद्ध है। ये स्थल सालाना 50 लाख पर्यटकों को खींचते हैं, जो आस्था और कला का संगम देखने आते हैं।
स्वतंत्रता के प्रतीक
वेटिकन की अपनी मुद्रा (यूरो के साथ वेटिकन स्क्वायर), पासपोर्ट, झंडा, डाक टिकट और रेडियो स्टेशन है। कोई कर नहीं लगता; आय पर्यटन, म्यूजियम शुल्क और दान से आती है। संयुक्त राष्ट्र में पर्यवेक्षक का दर्जा रखते हुए यह कूटनीतिक प्रभाव बनाए रखता है।








