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Houthi Rebels Missile Attack on Israel: Iran War में कूदे हूती विद्रोही, इजरायल पर दागी मिसाइलें!, क्या हूती बिगाड़ेंगे दुनिया का भूगोल?

ईरान-इजराइल जंग में अब यमन के हूती विद्रोही भी कूदने को तैयार हैं। लाल सागर में सैन्य दखल और खाड़ी देशों को दी गई इस सीधी चेतावनी ने वैश्विक तनाव को बढ़ा दिया है।

By GyanOK

नई दिल्ली/दुबई: मिडिल ईस्ट (Middle East) के सुलगते रेगिस्तान में अब बारूद की गंध और तेज हो गई है। ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव में अब एक ऐसा मोड़ आ गया है जिसने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई का वह ‘बब्बर शेर’ अब जाग गया है, जिसे तेहरान ने सालों तक पैसा, प्यार और घातक हथियारों से पाला-पोसा है। जी हां, हम बात कर रहे हैं यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) की।

Houthi Rebels Missile Attack on Israel: Iran War में कूदे हूती विद्रोही, इजरायल पर दागी मिसाइलें!, क्या हूती बिगाड़ेंगे दुनिया का भूगोल?
Houthi Rebels Missile Attack on Israel: Iran War में कूदे हूती विद्रोही, इजरायल पर दागी मिसाइलें!, क्या हूती बिगाड़ेंगे दुनिया का भूगोल?

हूतियों ने सीधा और साफ संदेश दे दिया है अगर अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले तेज किए, तो लाल सागर (Red Sea) से लेकर अरब प्रायद्वीप तक तबाही का वो मंजर दिखेगा जिसकी कल्पना भी वाशिंगटन ने नहीं की होगी।

आका की मौत का बदला और एहसान की कीमत

नमस्कार, मैं हूं आपके साथ आशीष त्रिपाठी। ईरान ने यमन के हूती लड़ाकों को न केवल सैन्य रूप से तैयार किया, बल्कि उन्हें वे खतरनाक मिसाइलें और ड्रोन मुहैया कराए जो आज इजराइल और अमेरिकी जहाजों के लिए काल बने हुए हैं। अब वही हूती विद्रोही अपने ‘आका’ के एहसान की कीमत चुकाने के लिए बेकरार हैं। हूतियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान के समर्थन में ‘लक्ष्मण रेखा’ खींच चुके हैं।

लाल सागर बनेगा ‘नो एंट्री ज़ोन’?

हूती मिलिट्री स्पोक्सपर्सन याहिया सरी ने एक टेलीविजन स्पीच में जो कहा, उसने वैश्विक शिपिंग रूट के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। सरी ने चेतावनी दी:

“अगर कोई भी नया गठबंधन ईरान के खिलाफ वाशिंगटन और इजराइल के साथ जुड़ता है, या अगर लाल सागर का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता है, तो हम सीधे सैन्य दखल देंगे। हम किसी भी मुस्लिम देश के खिलाफ दुश्मन के ऑपरेशन के लिए अपनी जमीन या समुद्र का इस्तेमाल नहीं होने देंगे।”

सऊदी अरब और UAE को ‘इशारों में’ बड़ी धमकी

हूतियों का यह वार सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है। उन्होंने पड़ोस के सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को भी कड़े शब्दों में चेताया है। संकेत साफ है अगर इन खाड़ी देशों ने अपनी जमीन या एयरबेस का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए होने दिया, तो हूती उन पर हमला करने से नहीं चूकेंगे।

अब तक ईरान और खाड़ी देशों के बीच एक अघोषित समझौता था कि रिफाइनरीज, पावर सप्लाई और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना नहीं बनाया जाएगा। लेकिन अगर खाड़ी देश इस जंग में कूदते हैं, तो हूतियों के ‘प्रॉक्सी वॉर’ का निशाना ये तेल के भंडार और रिफाइनरीज भी हो सकते हैं।

क्या है हूतियों की ताकत?

विशेषज्ञों की मानें तो हूतियों के पास यमन से बहुत दूर बैठे टारगेट को तबाह करने की क्षमता है। वे पहले ही दिखा चुके हैं कि कैसे वे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को रोक सकते हैं। लेबनान का हिजबुल्लाह और इराक के शिया लड़ाके पहले ही मोर्चे पर हैं, और अब हूतियों का इस जंग में आधिकारिक तौर पर कूदना एक ‘ग्रेटर रीजनल वॉर’ की शुरुआत हो सकती है।

परिस्थितियां फिलहाल बेहद नाजुक हैं। खाड़ी देश शायद ही सीधे तौर पर युद्ध का हिस्सा बनना चाहें, लेकिन अगर तनाव बढ़ा, तो मिडिल ईस्ट का यह ‘पावर गेम’ पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख देगा।

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GyanOK
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