
उत्तराखंड के शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव लाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के मानकों को ध्यान में रखते हुए नया टाइम-टेबल तैयार किया है। महानिदेशक (शिक्षा) दीप्ति सिंह की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
17 महीने की लंबी कवायद के बाद अंतिम रूप दिया गया इस खाके का उद्देश्य राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में एकरूपता लाना और मौसम के अनुसार छात्रों की सुविधा सुनिश्चित करना है। वर्तमान में सर्दियों में स्कूल 9:10 बजे खुलते हैं, जबकि गर्मियों में 7:45 बजे से शुरू होते हैं। प्रस्तावित बदलाव इन्हें अनुकूलित करेंगे।
प्रस्तावित टाइम-टेबल
नए शेड्यूल में सर्दी (1 अक्टूबर से 31 मार्च) और गर्मी (1 अप्रैल से 30 सितंबर) के लिए अलग-अलग समय निर्धारित हैं:
| सीजन | स्कूल खुलने का समय | प्रार्थना सभा | छुट्टी का समय |
|---|---|---|---|
| सर्दियों में | सुबह 8:50 बजे | 8:50-9:10 AM | दोपहर 3:10 बजे |
| गर्मियों में | सुबह 7:10 बजे | 7:10-7:25 AM | दोपहर 1:40 बजे |
यह बदलाव छात्रों को ठंडे-कोहरे और तेज गर्मी से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है। सर्दियों में देरी से शुरुआत कोहरे के जोखिम को कम करेगी, वहीं गर्मियों में जल्दी बंद होने से दोपहर की तपिश से राहत मिलेगी।
प्रमुख विशेषताएं और बदलाव
- शिक्षण अवधि: प्रतिदिन 5 घंटे 20 मिनट शुद्ध पढ़ाई के लिए आरक्षित। इससे NEP 2020 के 5 घंटे के न्यूनतम मानक पूरे होंगे।
- इंटरवल: 40 मिनट का लंच ब्रेक, छात्रों को पर्याप्त विश्राम मिलेगा।
- डबल शिफ्ट: दो पालियों वाले स्कूलों में पहली पाली सुबह 7:00 से 12:30 बजे तक, दूसरी दोपहर 12:30 से शाम 6:00 बजे तक चलेगी। इससे अधिक छात्रों को समायोजित किया जा सकेगा।
- एकरूपता: पूरे राज्य में एक समान समय-सारिणी लागू होनी है, जो वर्तमान जिला-स्तरीय भिन्नताओं को समाप्त करेगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह बदलाव पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाएगा और ड्रॉपआउट दर कम करेगा। पहले उत्तराखंड सरकार ने जनवरी 2026 में एकसमान 8:50 से 3:15 बजे का समय लागू किया था, लेकिन मौसमी जरूरतों ने इस नए प्रस्ताव को जन्म दिया।
वर्तमान स्थिति और भविष्य
प्रस्ताव अभी समीक्षााधीन है। सरकार की मंजूरी मिलने पर इसे नए शैक्षणिक सत्र से लागू किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए उत्तराखंड शिक्षा विभाग की वेबसाइट (schooleducation.uk.gov.in) देखें। विशेष जिलों जैसे देहरादून या नैनीताल में स्थानीय अवकाशों की जानकारी वहां उपलब्ध है।
यह पहल शिक्षा में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अभिभावक और शिक्षक इसे सकारात्मक मान रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय का इंतजार है।









