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देहरादून में ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’: होटल, होमस्टे और वेडिंग प्वाइंट्स पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, नियमों के उल्लंघन पर ₹1 लाख का जुर्माना

देहरादून में अपराध और नशे पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने होटल, होमस्टे और वेडिंग प्वाइंट्स के खिलाफ बड़े अभियान का आदेश दिया है। अब बिना पुलिस सत्यापन और सीसीटीवी के संचालन करने वालों पर ₹1 लाख का भारी जुर्माना लगेगा।

By GyanOK

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और देर रात तक होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को लेकर जिला प्रशासन अब ‘एक्शन मोड’ में है। हाल ही में शहर में हुई कुछ गंभीर घटनाओं (जैसे रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या से जुड़े तार और नशे के कारोबार) ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद जिलाधिकारी (DM) सविन बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है।

देहरादून में 'ऑपरेशन क्रैकडाउन': होटल, होमस्टे और वेडिंग प्वाइंट्स पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, नियमों के उल्लंघन पर ₹1 लाख का जुर्माना

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर के सभी होमस्टे, होटल और वेडिंग प्वाइंट्स का सघन सत्यापन (Verification) किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है।

शहरी होमस्टे प्रशासन के रडार पर

देहरादून जनपद में वर्तमान में कुल 1057 होमस्टे पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 350 अकेले शहरी क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। जिला प्रशासन को शिकायतें मिली हैं कि कई होमस्टे और होटल अस्थायी ठहराव के नाम पर संदिग्ध गतिविधियों के अड्डे बनते जा रहे हैं।

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मुख्य अपडेट्स:

  • सत्यापन के लिए टीमें गठित: जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव शाह के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें चरणबद्ध तरीके से हर व्यावसायिक इकाई की जांच करेंगी।
  • चेकलिस्ट के आधार पर जांच: राज्य सरकार की नई होमस्टे नियमावली के अनुसार एक विशेष चेकलिस्ट तैयार की गई है। इसमें सीसीटीवी कैमरा, आगंतुक (Guest) रजिस्टर, पहचान पत्र रिकॉर्ड और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच होगी।

अवैध ‘बार’ और शराब परोसने वालों की खैर नहीं

देहरादून प्रशासन ने ‘ओकेजनल बार लाइसेंस’ (किसी खास आयोजन के लिए मिलने वाला परमिट) को लेकर नियमों को बेहद सख्त कर दिया है।

  1. गहन जांच के बाद लाइसेंस: अब किसी भी वेडिंग प्वाइंट या होटल को शराब परोसने का परमिट देने से पहले पुलिस और आबकारी विभाग स्थल की गहन जांच करेंगे।
  2. भारी जुर्माना: यदि किसी भी प्रतिष्ठान में बिना अनुमति शराब परोसी जाती है या निर्धारित समय के बाद पार्टी चलती मिली, तो संपत्ति स्वामी या लीजधारक पर न्यूनतम 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
  3. विधिक कार्रवाई: बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।

सुरक्षा के कड़े मानक: क्या-क्या जाँचेगा प्रशासन?

प्रशासनिक टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें:

  • गेस्ट का सत्यापन: क्या रुकने वाले हर व्यक्ति का वैध आईडी प्रूफ लिया गया है?
  • सीसीटीवी कवरेज: क्या मुख्य द्वारों और गलियारों में वर्किंग सीसीटीवी कैमरे लगे हैं?
  • किरायेदारी दस्तावेज: यदि संपत्ति लीज पर है, तो क्या लीजधारक का पुलिस सत्यापन हुआ है?
  • नशा मुक्ति अभियान: क्या परिसर में किसी भी प्रकार की ड्रग्स या अवैध मादक पदार्थों का सेवन तो नहीं हो रहा?

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जनता से अपील: ‘आप बनें प्रशासन की आँख’

जिलाधिकारी सविन बंसल ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि आपके आसपास किसी होमस्टे या वेडिंग प्वाइंट में संदिग्ध लोग नजर आ रहे हैं या देर रात तक नियमों के विरुद्ध शोर-शराबा और शराब पार्टी हो रही है, तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि “कानून व्यवस्था सर्वोपरि है और इसमें ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है।”

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