
यमुना प्राधिकरण (यीडा) अपनी महायोजना 2041 के तहत हाथरस की तस्वीर बदलने की तैयारी कर रहा है। यहाँ लगभग 4,000 हेक्टेयर जमीन पर एक शानदार ‘अर्बन सेंटर’ विकसित किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य हाथरस को एक सुनियोजित और आधुनिक शहर बनाना है, जहाँ न केवल रहने के लिए बेहतर सुविधाएँ होंगी, बल्कि बड़े उद्योगों और फैक्ट्रियों के लगने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह नया शहर आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास और रिहाइशी जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।
महायोजना 2041 की तैयारी शुरू
यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने हाथरस के विकास के लिए ‘महायोजना 2041’ तैयार करने का जिम्मा आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट कंपनी को सौंप दिया है। तकनीकी और वित्तीय जांच के बाद चुनी गई यह कंपनी अगले 9 महीनों में शहर का पूरा नक्शा और ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसके बाद, इस योजना को शासन और बोर्ड की अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही जमीन पर विकास कार्य शुरू हो जाएगा, जो हाथरस को एक आधुनिक शहर के रूप में नई पहचान दिलाएगा।
एक्सप्रेसवे से बेहतर जुड़ाव और चारों तरफ होगी हरियाली
नए विकसित होने वाले इस अर्बन सेंटर में हाथरस और सासनी क्षेत्र के उन गाँवों को शामिल किया गया है, जो एक्सप्रेसवे के करीब हैं। इस शहर को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यहाँ सड़कों का जाल बिछा होगा, जिससे आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी। खास बात यह है कि आधुनिकता के साथ पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा गया है; कुल जमीन के 15 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर पेड़-पौधे और पार्क विकसित किए जाएंगे। इससे न केवल लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि उन्हें एक स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण में रहने का मौका भी मिलेगा।
हाथरस में बनेगा उद्योगों का बड़ा हब
महायोजना 2041 के तहत हाथरस के स्थानीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए एक विशेष माहौल (इकोसिस्टम) तैयार किया जाएगा। भविष्य की माँग को देखते हुए यहाँ बड़ी संख्या में औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जाएंगे, जिससे छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को अपनी फैक्ट्रियां लगाने का सुनहरा मौका मिलेगा। इस पहल से न केवल हाथरस के पारंपरिक कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।
रहने और काम करने की मिलेंगी बेहतरीन सुविधाएँ
हाथरस अर्बन सेंटर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ रहने के लिए शानदार आवासीय कॉलोनियाँ और काम करने के लिए अत्याधुनिक इंडस्ट्रियल हब दोनों होंगे। इस योजना का मुख्य लक्ष्य उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ बढ़ती आबादी के लिए घर और बुनियादी सुविधाओं का सही तालमेल बनाना है। इससे शहर का विकास संतुलित तरीके से होगा, जिससे लोगों को रोजगार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और वे एक विश्व स्तरीय शहरी परिवेश में अपने परिवार के साथ रह सकेंगे।
किसानों और उद्यमियों की चमकेगी किस्मत
हाथरस की उपजाऊ जमीन और खेती की अहमियत को देखते हुए नई महायोजना में एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्रीज (कृषि आधारित उद्योगों) पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। यहाँ कोल्ड स्टोरेज, डेयरी प्लांट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के साथ-साथ होजरी और हस्तशिल्प जैसे स्थानीय कामों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यहाँ के किसानों और छोटे उद्यमियों को होगा, क्योंकि उन्हें अपनी उपज और हुनर का सही दाम घर के पास ही मिल सकेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर व्यापार के बड़े अवसर खुलेंगे।
बनेगा प्रदेश का नया ट्रांसपोर्ट हब
हाथरस अर्बन सेंटर की सबसे बड़ी ताकत इसकी बेहतरीन कनेक्टिविटी होगी। अधिकारियों के अनुसार, इस नए शहर को सीधे नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा, जिसके लिए सड़कों का एक शानदार जाल बिछाया जाएगा। यह अर्बन सेंटर न केवल यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा होगा, बल्कि आगरा-अलीगढ़, बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे-33 के संगम पर होने के कारण एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभरेगा। इस मजबूत नेटवर्क से यहाँ के उद्योगों को रफ्तार मिलेगी और लोगों का सफर बेहद आसान हो जाएगा।









