
नया साल 2026 लखनऊ वालों के लिए घर-दुकान बनाने का सपना आसान बनाने आया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने फास्टपास नाम का कमाल का सिस्टम चालू कर दिया, जिससे छोटे प्लॉट पर नक्शा पास कराना अब घर बैठे मिनटों का काम हो गया। ये सुविधा लाखों लोगों को चक्कर लगाने से बचाएगी, और निर्माण तेज होगा।
फास्टपास की खासियत
भाई, कल्पना करो कि तुम्हारा घर का नक्शा अपलोड किया और बस, हो गया पास! फास्टपास एक स्मार्ट सॉफ्टवेयर है जो ऑटोमैटिक चेक करता है सेटबैक, कवरेज एरिया, पार्किंग जैसी हर बिल्डिंग बायलॉज की शर्तें। ये 100 sqm तक के घरों और 30 sqm तक की दुकानों के लिए है, बड़े प्रोजेक्ट अभी पुराने तरीके से ही। अगर सब फिट बैठा तो सर्टिफिकेट तुरंत डाउनलोड कर लो, वरना एरर बता देगा सुधारने को। इससे भ्रष्टाचार भी कम होगा, सब ट्रांसपेरेंट।
आवेदन कैसे करें स्टेप बाय स्टेप
सबसे आसान काम है यार। map.up.gov.in पर जाओ, मोबाइल से रजिस्टर करो या लॉगिन हो जाओ। आधार से ई-केवाईसी करो, प्लॉट डिटेल्स भरो जैसे खसरा नंबर, लोकेशन। रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट का ऑटोकैड नक्शा अपलोड करो, फीस कैलकुलेट होकर पेमेंट कर दो। सबमिट पर चेक हो जाएगा, पास तो सर्टिफिकेट मिला। अगर गलती तो फिक्स करके दोबारा ट्राई करो। पूरा घर से, कोई ऑफिस नहीं!
कितना फायदा होगा?
पहले नक्शा पास कराने में आर्किटेक्ट, एजेंट, चक्कर—कुल 40-50 हजार उड़ जाते थे, महीनों लगते थे। अब 5-7 हजार में हो जाएगा, मिनटों में। छोटे प्लॉट वाले, मिडिल क्लास फैमिली, दुकानदार सबसे खुश होंगे। अवैध बिल्डिंग पर लगाम लगेगी, क्योंकि सही नक्शा ही चलेगा। शहर साफ-सुथरा बनेगा।
ध्यान रखने वाली बातें
ध्यान रखो, प्लॉट का लैंड यूज मास्टर प्लान से मैच करे। सड़क चौड़ाई, फ्रंट-साइड-रियर सेटबैक, FAR, पार्किंग सब सही लिखो। आधार वैरिफाई करो अच्छे से, गलत जानकारी पर सजा मिल सकती है। बड़े प्लॉट या स्पेशल केस में LDA हेल्पलाइन 0522-2700880 पर बात करो या वेबसाइट चेक करो। पोर्टल पर अपडेट देखते रहो।









