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यूपी के सरकारी कर्मचारियों की रुक सकती है सैलरी! 20 जनवरी से पहले निपटा लें ये काम, देखें नया आदेश

यूपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए 'सैलरी अलर्ट'! अगर आपने 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया, तो फरवरी की तनख्वाह अटक सकती है। शासन के कड़े रुख और 1956 की नियमावली के तहत जारी इस नए आदेश की पूरी जानकारी यहाँ देखें।

By Pinki Negi

यूपी के सरकारी कर्मचारियों की रुक सकती है सैलरी! 20 जनवरी से पहले निपटा लें ये काम, देखें नया आदेश
यूपी के सरकारी कर्मचारियों की रुक सकती है सैलरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बेहद जरूरी निर्देश जारी किया है। नए आदेश के अनुसार, सभी कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति (Property) की पूरी जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके लिए 31 जनवरी 2026 की समयसीमा तय की गई है।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी कर्मचारी इस तारीख तक अपनी संपत्ति का ब्योरा दर्ज नहीं करेंगे, उनकी फरवरी की सैलरी रोक दी जाएगी। शासन के इस सख्त रुख का उद्देश्य पारदर्शिता लाना है, जिससे पूरे प्रदेश के सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर हाल में अपने अधीन काम करने वालों से यह औपचारिकता पूरी कराएं।

यूपी के 8 लाख कर्मियों के लिए नियम सख्त

उत्तर प्रदेश के लगभग 8.74 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए संपत्ति का ब्योरा देना अब महज औपचारिकता नहीं, बल्कि कानूनी अनिवार्यता है। सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 (नियम-24) के तहत हर कर्मचारी को साल भर में कमाई गई चल-अचल संपत्ति की जानकारी देना जरूरी है।

अब पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार ने इसे मानव संपदा पोर्टल से जोड़कर डिजिटल कर दिया है। 31 दिसंबर 2025 तक अर्जित की गई जमीन, मकान, फ्लैट के साथ-साथ वाहन, बैंक बैलेंस, बीमा और शेयर जैसे निवेश की जानकारी भी पोर्टल पर देनी होगी। चाहे आप शिक्षक हों, पुलिसकर्मी या सचिवालय के अधिकारी, इस डिजिटल रिकॉर्ड को अपडेट न करने पर शासन सख्त कार्रवाई के मूड में है।

नोडल अधिकारियों को वेतन रोकने के सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश शासन ने इस बार ‘प्रॉपर्टी रिटर्न’ को लेकर दिखावे की कार्रवाई के बजाय सीधे सैलरी पर स्ट्राइक करने का फैसला किया है। इसके लिए सभी विभागों के आहरण-वितरण अधिकारियों (DDO) और नोडल अफसरों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आदेश के अनुसार, अब पोर्टल की नियमित समीक्षा होगी और यदि किसी भी कर्मचारी का संपत्ति विवरण अपडेट नहीं मिला, तो उसका वेतन तुरंत रोक दिया जाएगा। पहले की तरह इस बार समयसीमा बढ़ने या ढील मिलने की कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि सरकार ने इसे पारदर्शिता से जोड़कर अनिवार्य बना दिया है। यही कारण है कि सरकारी महकमों में इस समय हड़कंप मचा है और कर्मचारी समय रहते अपनी औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गए हैं।

पोर्टल पर तकनीकी दिक्कत या शासन की सख्ती? जानें कैसे आसानी से भरें संपत्ति का ब्योरा

  • तकनीकी चुनौती और समाधान: कर्मचारी संगठनों ने ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और पोर्टल की तकनीकी समस्याओं पर चिंता जताई है, लेकिन सरकार का दावा है कि मानव संपदा पोर्टल अब पहले से ज्यादा सरल और यूजर-फ्रेंडली है।
  • विभागीय सहायता: शासन ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी कर्मचारी को पोर्टल चलाने में दिक्कत आती है, तो विभाग स्तर पर उनकी मदद के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।
  • कैसे करें अपडेट: कर्मचारियों को पोर्टल पर लॉगिन करके ‘संपत्ति विवरण’ (Property Return) सेक्शन में जाना होगा और अपनी जानकारी भरकर सबमिट करनी होगी।
  • पावती (Receipt) है जरूरी: विशेषज्ञों की सलाह है कि विवरण अपलोड करने के बाद उसकी रसीद या प्रिंटआउट जरूर सुरक्षित रखें, ताकि वेतन रुकने जैसी स्थिति में आप उसे सबूत के तौर पर दिखा सकें।
  • समय पर काम, नो टेंशन: जो कर्मचारी समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर लेंगे, उन्हें फरवरी की सैलरी मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी।
Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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