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योगी सरकार का बड़ा फैसला! UP के स्कूलों में अब ‘AI’ पढ़ना हुआ अनिवार्य, बदल जाएगा शिक्षा का तरीका

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत 1200+ स्कूलों के 2 लाख छात्रों को 2026-27 से 4 घंटे का AI कोर्स अनिवार्य। कौशल विकास मिशन की यह पहल समस्या समाधान, डेटा विश्लेषण सिखाएगी। 28 मार्च को प्रशिक्षकों के लिए कार्यशाला। युवाओं को वैश्विक रोजगार के लिए तैयार करेगी।

By Pinki Negi

योगी सरकार का बड़ा फैसला! UP के स्कूलों में अब 'AI' पढ़ना हुआ अनिवार्य, बदल जाएगा शिक्षा का तरीका

उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को भविष्योन्मुखी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत कक्षा 9 से 12 तक के सभी व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ‘एआई फॉर ऑल’ कोर्स को अनिवार्य कर दिया गया है। यह पहल आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 1200 से अधिक सरकारी एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लागू होगी, जिससे प्रदेश के 2 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगी।

प्रोजेक्ट प्रवीण और AI एकीकरण

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 4 घंटे का विशेष एआई मॉड्यूल छात्रों और प्रशिक्षकों दोनों के लिए बाध्यकारी होगा। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के नेतृत्व में विकसित यह कोर्स छात्रों को समस्या समाधान, रचनात्मक सोच, डेटा विश्लेषण और डिजिटल दक्षता जैसे कौशलों से लैस करेगा।

‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ मूल रूप से 210 घंटे का निःशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम है, जिसमें आईटी, ब्यूटी एंड वेलनेस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलरिंग और डिजिटल मित्र जैसे प्रमुख जॉब रोल्स शामिल हैं। अब इन सभी ट्रेड्स में कस्टमाइज्ड एआई मॉड्यूल जोड़े गए हैं, ताकि छात्र अपने क्षेत्रीय कौशल के साथ एआई का व्यावहारिक उपयोग सीख सकें।

मिशन निदेशक का बयान और कार्यशाला

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया, “यह स्कूली शिक्षा में बड़ा परिवर्तन है। छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी समझ और उसके व्यावहारिक प्रयोग में निपुण बनेंगे, जिससे वे वैश्विक नौकरी बाजार की चुनौतियों को अवसरों में बदल सकेंगे।” गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु सभी प्रशिक्षकों को पहले ‘एआई फॉर ऑल’ पूरा करना होगा।

कल 28 मार्च को मिशन मुख्यालय में आयोजित एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला में डॉ. पवित्रा टंडन (सहायक निदेशक, आईटी) के नेतृत्व में एआई विशेषज्ञ प्रशिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण देंगे। सभी विद्यालयों को निर्देश जारी कर प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कहा गया है।

भविष्य की संभावनाएं

यह कदम उत्तर प्रदेश को डिजिटल शिक्षा के राष्ट्रीय मानचित्र पर अग्रणी बनाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई एकीकरण से ग्रामीण छात्र भी तकनीकी रूप से सशक्त होंगे, जो रोजगार दर में वृद्धि लाएगा। बरेली जैसे जिलों में बेसिक स्कूलों (कक्षा 3-8) में भी एआई की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री के विजन से प्रेरित यह पहल युवाओं को ‘स्किल्ड इंडिया’ का सशक्त स्तंभ बनाएगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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