
उत्तर प्रदेश आज, 23 जनवरी 2026 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के अवसर पर एक ऐतिहासिक नागरिक सुरक्षा अभ्यास (सिविल डिफेंस मॉकड्रिल) करने जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में शाम 6 बजे से ‘ब्लैकआउट’ का अभ्यास किया जाएगा। इस दौरान करीब दो मिनट (कुछ क्षेत्रों में 10 मिनट तक) के लिए बिजली की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी और हवाई हमले जैसी स्थिति से निपटने के लिए चेतावनी सायरन बजाए जाएंगे। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों के लिए नागरिकों और सुरक्षा तंत्र की तैयारियों को परखना है।
हवाई हमले से निपटने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली इस विशेष कवायद का मुख्य उद्देश्य युद्ध या हवाई हमले जैसी किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए राज्य की तैयारियों को परखना है। सिविल डिफेंस विभाग की देखरेख में होने वाली इस मॉकड्रिल के दौरान नागरिकों को सिखाया जाएगा कि हमले के समय सुरक्षित स्थानों पर कैसे पहुँचें।
इसके साथ ही, अभ्यास में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाने और आपदा के समय पुलिस, स्वास्थ्य और बिजली जैसे विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल (Coordination) बिठाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया भविष्य की किसी भी अनहोनी के लिए सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए की जा रही है।
शाम 6 बजे की मॉकड्रिल: जानें चरण-दर-चरण क्या होगा?
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में होने वाली इस कवायद को निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है:
- सायरन की चेतावनी: ठीक शाम 6 बजे पूरे शहर में हाई और लो टोन में तेज सायरन गूंजेगा, जो हवाई हमले के खतरे का संकेत होगा।
- बिजली कटौती (ब्लैकआउट): सायरन बजते ही चिह्नित क्षेत्रों की बिजली अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी ताकि दुश्मन को निशाना बनाने में मुश्किल हो।
- सुरक्षित स्थानों पर शरण: नागरिकों को तुरंत अपने घरों के बेसमेंट, मजबूत कमरों या प्रशासन द्वारा बनाए गए शेल्टर होम में जाने का अभ्यास करना होगा।
- इमरजेंसी रिस्पॉन्स: सिविल डिफेंस की टीमें घायलों को निकालने और राहत कार्य पहुँचाने का लाइव डेमो प्रदर्शित करेंगी।
- सामान्य स्थिति की बहाली: अभ्यास पूरा होने के बाद दोबारा सायरन बजेगा, जिसका अर्थ होगा कि ‘खतरा टल गया’ है, और फिर बिजली और यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
प्रशासन ने मॉकड्रिल को लेकर जारी की जरूरी सलाह
उत्तर प्रदेश प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शाम 6 बजे होने वाली यह पूरी कवायद केवल एक सुरक्षा अभ्यास (Mock Drill) है और किसी भी तरह का वास्तविक खतरा नहीं है। डीजीपी, पावर कॉरपोरेशन और राहत आयुक्त जैसे बड़े अधिकारी इस ड्रिल की निगरानी कर रहे हैं ताकि इसे बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।
इस मॉकड्रिल का उद्देश्य केवल आपदा प्रबंधन की क्षमता को बढ़ाना और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करना है। इसलिए, सायरन की आवाज सुनकर या बिजली कटने पर घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इसे गंभीरता से लें, लेकिन पूरी तरह शांत रहें—क्योंकि यह सिर्फ आपकी सुरक्षा की एक तैयारी है।









